शाहजहांपुर

मुख्य विकास अधिकारी, शाहजहाँपुर की अध्यक्षता में व्यापारियों एवं उद्यमियों के साथ संवाद कार्यक्रम आयोजित

 

मुख्य विकास अधिकारी, शाहजहाँपुर की अध्यक्षता में व्यापारियों एवं उद्यमियों के साथ संवाद कार्यक्रम आयोजित।


मातृभूमि की पुकार (संवाददाता)

शाहजहाँपुर, 11 जून 2026 विकास भवन, शाहजहाँपुर स्थित सभागार में मुख्य विकास अधिकारी, शाहजहाँपुर की अध्यक्षता में व्यापारियों एवं उद्यमियों के साथ संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में महानगर अध्यक्ष भारतीय जनता पार्टी श्रीमती शिल्पी गुप्ता की गरिमामयी उपस्थिति रही। साथ ही उपायुक्त उद्योग, जिला उद्योग प्रोत्साहन तथा उद्यमिता विकास केन्द्र, शाहजहाँपुर, उपायुक्त वाणिज्य कर, शाहजहाँपुर, उत्तर प्रदेश फ्लोराइड एसोसिएशन के अध्यक्ष श्री अशोक अग्रवाल, लघु उद्योग भारती के जिलाध्यक्ष श्री नवनीत प्रकाश गुप्ता, श्री सुरेश सिंघल, श्री रामचन्द्र सिंघल, आईआईए के डिवीजनल चेयरमैन श्री गुरजीत मंगा सहित जनपद के प्रबुद्धजन, उद्यमी एवं व्यापारी उपस्थित रहे।केन्द्र सरकार के 12 वर्ष का कार्यकाल पूर्ण होने के उपलक्ष्य में केन्द्र एवं राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं से हुई उपलब्धियों के संबंध में जनपद के व्यापारियों एवं उद्यमियों को अवगत कराने हेतु आयोजित संवाद कार्यक्रम में उपस्थित सभी व्यापारियों एवं उद्यमियों को जीएसटी विभाग तथा उद्योग विभाग द्वारा संचालित योजनाओं एवं उपलब्धियों की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई।उद्योग विभाग के संबंध में उपायुक्त उद्योग, जिला उद्योग प्रोत्साहन तथा उद्यमिता विकास केन्द्र, शाहजहाँपुर द्वारा बताया गया कि मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान योजना के अन्तर्गत 2184 व्यक्तियों को ब्याज मुक्त ऋण उपलब्ध कराकर उनकी इकाई स्थापना में सहायता प्रदान की गई, जिससे प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से 5000 से अधिक व्यक्तियों को रोजगार प्राप्त हुआ। मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना के अन्तर्गत 551 इकाइयों को ऋण उपलब्ध कराते हुए नियमानुसार 25 प्रतिशत अनुदान उपलब्ध कराया गया, जिससे प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से 2500 से अधिक व्यक्तियों को रोजगार प्राप्त हुआ।एक जनपद एक उत्पाद (ओडीओपी) मार्जिन मनी ऋण योजना के अन्तर्गत जरी-जरदोजी से जुड़े 246 कारीगरों एवं उद्यमियों को ऋण उपलब्ध कराते हुए नियमानुसार 25 प्रतिशत अनुदान उपलब्ध कराया गया, जिससे प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से 2500 से अधिक व्यक्तियों को रोजगार प्राप्त हुआ। एक जनपद एक उत्पाद प्रशिक्षण एवं टूलकिट योजना के अन्तर्गत जरी-जरदोजी के 1650 लाभार्थियों को लाभान्वित किया गया, जिससे उन्हें स्वरोजगार स्थापना में सहायता मिली। विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के अन्तर्गत 6525 परम्परागत कारीगरों को प्रशिक्षण एवं टूलकिट उपलब्ध कराते हुए स्वरोजगार स्थापना में सहायता प्रदान की गई।स्टाम्प ड्यूटी छूट योजना के अन्तर्गत 52 से अधिक इकाइयों को लाभान्वित किया गया। तकनीकी उन्नयन योजना के अन्तर्गत 46 इकाइयों को योजना का लाभ दिलाया गया। सिंगल विंडो/निवेश मित्र योजना के अन्तर्गत 23287 इकाइयों को लाभान्वित किया गया। एमएसएमई नीति-2017 एवं 2022 के अन्तर्गत विभिन्न इकाइयों को लाभान्वित कर उद्योग स्थापना में सहयोग प्रदान किया गया।सरकार द्वारा जनपद में नये उद्यमों की स्थापना के उद्देश्य से एमओयू योजना अन्तर्गत भावी उद्यमियों के इंटेंट दाखिल कराये गये, जिसके फलस्वरूप 153 इकाइयों द्वारा ₹24,712.59 करोड़ का पूंजी निवेश एवं 80,650 व्यक्तियों को रोजगार प्राप्त होने की संभावना हुई। वर्तमान में 68 इकाइयाँ, जिनका पूंजी निवेश ₹1,624.37 करोड़ है, द्वारा वाणिज्यिक उत्पादन प्रारम्भ किया जा चुका है।उपायुक्त वाणिज्य कर द्वारा जीएसटी विभाग की उपलब्धियों के संबंध में जानकारी देते हुए बताया गया कि पूर्व में सेवाकर, मनोरंजन कर, वैट आदि कर विभागों द्वारा अलग-अलग लिए जाते थे। सरकार द्वारा कर प्रणाली का सरलीकरण करते हुए जीएसटी लागू किया गया, जिससे “एक देश-एक कर” व्यवस्था लागू हो सकी। जीएसटी व्यवस्था लागू होने से वस्तुओं के दामों पर नियंत्रण रखना संभव हुआ तथा ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ को बढ़ावा मिला।उन्होंने बताया कि जीएसटी व्यवस्था लागू होने से व्यापारियों एवं उद्यमियों के लिए दुर्घटना बीमा योजना लागू हुई, जिसमें पूर्व में दुर्घटना से पीड़ित व्यापारी अथवा उद्यमी के परिजनों को ₹1 लाख की धनराशि प्रदान की जाती थी, जबकि वर्तमान में यह धनराशि बढ़ाकर ₹10 लाख कर दी गई है। तथा जीएसटी से निर्यात रिफंड व्यवस्था आसान हुई तथा निर्यात को बढ़ावा मिला है।पंजीकरण सुविधा का सरलीकरण करते हुए वर्तमान में एक दिन में ही पंजीकरण प्रमाण-पत्र जारी किया जा रहा है। इससे व्यापारियों को काफी सुविधा हुई है तथा अधिक से अधिक व्यापारियों के पंजीकरण से कर संग्रह में वृद्धि हुई है। व्यापार करना सुविधाजनक होने से जनसामान्य की आर्थिक स्थिति भी पहले की अपेक्षा अधिक सुदृढ़ एवं मजबूत हुई है।लखनऊ में प्रदेश स्तरीय जीएसटी ट्रिब्यूनल की स्थापना होने से व्यापारियों की समस्याओं के निराकरण में सुविधा हुई है। वर्तमान में कई वस्तुओं को जीएसटी स्लैब में 12 एवं 18 प्रतिशत टैक्स दर से हटाया गया है, जिससे महंगाई दर में कमी आई है तथा जनसामान्य की आवश्यक वस्तुएँ सस्ती हुई हैं। ट्रैक्टर पर टैक्स कम होने से ट्रैक्टर की कीमतों में कमी आई है तथा किसानों को ट्रैक्टर खरीदने में सुविधा हुई है।कार्यक्रम में उपस्थित व्यापारियों एवं उद्यमियों द्वारा विभिन्न सुझाव एवं विचार व्यक्त किए गए, जिनका अधिकारियों द्वारा समाधान करते हुए सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी एवं उद्योग प्रोत्साहन योजनाओं की जानकारी प्रदान की गई।

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