2 करोड़ की जीएसटी कर चोरी का भंडाफोड़
बोगस फर्म बनाकर आईटीसी घोटाला करने वाला गिरोह दबोचा, चार गिरफ्तार


2 करोड़ की जीएसटी कर चोरी का भंडाफोड़
बोगस फर्म बनाकर आईटीसी घोटाला करने वाला गिरोह दबोचा, चार गिरफ्तार
ब्यूरो रिपोर्ट धीरज गुप्ता
जनपद शाहजहाँपुर की थाना रोजा पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए लगभग 2 करोड़ रुपये की जीएसटी कर चोरी करने वाले शातिर गिरोह का पर्दाफाश किया है। जनपदीय एसओजी, सर्विलांस सेल, गैंगस्टर सेल व थाना रोजा की संयुक्त टीम ने चार अभियुक्तों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से फर्जी दस्तावेज, ई-वे बिल, मोबाइल फोन व एक कार बरामद की है।
यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक शाहजहाँपुर के निर्देशन में, अपर पुलिस अधीक्षक नगर के मार्गदर्शन व क्षेत्राधिकारी सदर के पर्यवेक्षण में गठित एसआईटी द्वारा की गई।
ऐसे चलता था फर्जीवाड़े का खेल गिरोह के सदस्य सोशल मीडिया के माध्यम से बेरोजगार युवाओं को नौकरी का झांसा देकर उनके आधार कार्ड, पैन कार्ड व फोटो प्राप्त कर लेते थे। इसके बाद फर्जी हस्ताक्षर तैयार कर उनके नाम पर बोगस जीएसटी फर्मों का पंजीकरण कराया जाता था।
इन फर्जी फर्मों के नाम से कूटरचित ई-वे बिल और बिल्टी बनाकर जनपद गोरखपुर, महाराजगंज, कुशीनगर व आजमगढ़ से स्क्रैप खरीदा जाता था और मुजफ्फरनगर में अवैध रूप से बिक्री कर फर्जी लेन-देन दिखाकर कर चोरी की जाती थी।
अब तक गिरोह द्वारा लगभग 200 से 250 स्क्रैप की गाड़ियां फर्जी दस्तावेजों के जरिए पास कराई जा चुकी हैं।
14 फरवरी 2026 को मुखबिर की सूचना पर पुलिस टीम ने अटसलिया पुल से पहले घेराबंदी कर मारुति फ्रॉन्क्स कार (DL 07 CY 4616) को रोककर चार आरोपियों को गिरफ्तार किया। तलाशी में 6 एंड्रॉयड फोन, 1 कीपैड फोन, 10 बिल्टी बुक, 2 रजिस्टर और फर्जी दस्तावेज बरामद हुए।
कार स्क्रैप से अर्जित अवैध धन से खरीदी गई थी।
गिरफ्तार अभियुक्त
अखिलेश (रायबरेली/दिल्ली)
विपिन (बदायूं/गाजियाबाद)
शिवओम शर्मा उर्फ सुमित (मुजफ्फरनगर)
राहुल राणा (शामली)
विपिन के विरुद्ध पूर्व में भी आपराधिक मामले दर्ज हैं।
दर्ज अभियोग
मु0अ0सं0 640/2025
धारा 318(2)/318(4)/336(3)/338/340(2) बीएनएस व धारा 132 जीएसटी अधिनियम
थाना रोजा, जनपद शाहजहाँपुर पुलिस की पूछताछ में बड़ा खुलासा हुआ पकड़े गए
गिरोह ने “ब्रदर्स लॉजिस्टिक” नाम से व्हाट्सएप ग्रुप बनाकर संचालन किया।
राहुल फर्जी ई-वे बिल तैयार कराता था।
विपिन फर्जी बिल्टी पर हस्ताक्षर करता था।
सुमित गाड़ियों के नंबर उपलब्ध कराता था।
अखिलेश व विपिन चालकों को रूट व समय की जानकारी देते थे।
प्रति टन स्क्रैप पर ₹1000 अवैध कमाई होती थी, जिसका बंटवारा गिरोह के सदस्यों में तय अनुपात में होता था।
इस सफल कार्रवाई में गैंगस्टर सेल, एसओजी, सर्विलांस सेल व थाना रोजा पुलिस टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
पुलिस अधीक्षक राजेश द्विवेदी ने स्पष्ट किया है कि जीएसटी फ्रॉड व आर्थिक अपराधों के विरुद्ध अभियान आगे भी जारी रहेगा।




