फर्रुखाबाद में गंगा नदी का कटान जारी, गंगा खतरे के निशान 137.10 मीटर पर।

ब्यूरो चीफ फर्रुखाबाद/ संजीव कुमार प्रजापति
फर्रुखाबाद में गंगा नदी का कटान जारी, गंगा खतरे के निशान 137.10 मीटर पर।

फर्रुखाबाद में गंगा नदी का कटान जारी है, जिससे सदर तहसील के गांव दौली की मड़ैया का तीन मकान गंगा में समा गए। शमसाबाद के कटरी तौफीक गांव में भी कटान जारी है, जहां तीन अन्य ग्रामीणों ने अपने मकान तोड़ने शुरू कर दिए हैं। गंगा खतरे के निशान 137.10 मीटर पर हैं।गंगा की तेज धारा पूर्व दिशा में 200 मीटर दूर स्थित दौली की मड़ैया गांव की ओर मुड़ गई। कटान की गति इतनी तीव्र थी कि कुछ ही दिनों में एक के बाद एक कई मकान नदी में गिर गए। गांव में रामसरन, उनके पुत्र अवधेश और मनोज के मकान पूरी तरह गंगा में समा गए। गांव की एकमात्र बची हुई अहाते की दीवार भी ध्वस्त हो गई।ग्रामीणों ने बताया कि जलस्तर बढ़ने के कारण उनके दो जानवर सड़क किनारे फंसे रह गए थे, जिन्हें नाव की मदद से सुरक्षित शहर किनारे लाया गया। कायमगंज तहसील के शमसाबाद थाना क्षेत्र स्थित कटरी तौफीक गांव में बुधवार को गंगा का पानी मकानों की दीवारों तक पहुंच गया। इसके चलते गंगा सिंह, बृजमोहन और छविराम सहित तीन ग्रामीणों ने अपने मकानों को तोड़ना शुरू कर दिया है।
कई साल पहले गंगा के कटान के कारण कटरी तौफीक चार छोटे-छोटे गांवों में विभाजित हो गया था, जहां लगभग 50 परिवार निवास करते थे। अब तक कई ग्रामीण अपने मकान तोड़ चुके हैं, जबकि कई अन्य मकान गंगा में समा चुके हैं।
ग्रामीणों ने चिंता व्यक्त की है कि यदि कटान इसी गति से जारी रहा, तो विद्यालय भी इसकी चपेट में आ सकता है। लेखपाल अजीत मिश्रा ने पुष्टि की है कि गांव में अब कुछ ही परिवार शेष रह गए हैं।





