विजय या वीरगति’ के संकल्प के साथ कलेक्ट्रेट पहुंची करणी सेना
आरक्षण नीति में बदलाव समेत विभिन्न मांगों को लेकर प्रधानमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन, मांगें पूरी न होने पर राष्ट्रव्यापी आंदोलन की चेतावनी

‘विजय या वीरगति’ के संकल्प के साथ कलेक्ट्रेट पहुंची करणी सेना
आरक्षण नीति में बदलाव समेत विभिन्न मांगों को लेकर प्रधानमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन, मांगें पूरी न होने पर राष्ट्रव्यापी आंदोलन की चेतावनी

मातृभूमि की पुकार (संवाददाता)
शाहजहांपुर। आरक्षण नीति में बदलाव समेत विभिन्न मांगों को लेकर करणी सेना के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने गुरुवार को कलेक्ट्रेट पहुंचकर जोरदार प्रदर्शन किया। संगठन के एक विशाल प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी के माध्यम से प्रधानमंत्री, भारत सरकार के नाम ज्ञापन सौंपकर अपनी प्रमुख मांगों को उठाया।करणी सेना के प्रदेश महामंत्री ठाकुर ओमवीर सिंह राठौर ने कहा कि संगठन यूजीसी से संबंधित प्रस्तावित कानून को वापस लेने की मांग करता है। उन्होंने कहा कि सरकार को आरक्षण नीति की समीक्षा कर इसे आर्थिक आधार से जोड़ने पर गंभीरता से विचार करना चाहिए, ताकि आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को इसका वास्तविक लाभ मिल सके।उन्होंने एससी-एसटी एक्ट के कथित दुरुपयोग का मुद्दा भी उठाया और कहा कि यदि किसी मामले में कानून का फर्जी इस्तेमाल पाया जाता है तो संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की व्यवस्था होनी चाहिए।जिला अध्यक्ष सूर्य प्रताप सिंह ने कहा कि करणी सेना आरक्षण के मूल सिद्धांत के विरोध में नहीं है, बल्कि वह इसके कथित असमान वितरण के खिलाफ है। उनका कहना था कि आरक्षण का लाभ आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों तक पहुंचना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार को सभी वर्गों के गरीब परिवारों के हित में आरक्षण व्यवस्था की समीक्षा करनी चाहिए।सूर्य प्रताप सिंह ने चेतावनी दी कि यदि संगठन की मांगों पर सरकार ने गंभीरता से विचार नहीं किया तो करणी सेना देशव्यापी आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी।प्रदर्शन के दौरान हलदर सिंह, रवि सिंह चौहान, रवि गुप्ता, सुमित यादव, शैलेंद्र कुशवाहा, एडवोकेट रोहित सिंह, एडवोकेट इमरान अली, एडवोकेट अवनीश सिंह, एडवोकेट सूरज सिंह, रक्षपाल सिंह, अरविंद सिंह, जगबीर सिंह और जयवीर सिंह समेत बड़ी संख्या में करणी सेना के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई होने तक उनका संघर्ष जारी रहेगा।






