महिला की मौत के बाद जागा स्वास्थ्य विभाग, दो क्लीनिक सील होने के बाद भी झोलाछापों पर कार्रवाई का सवाल

महिला की मौत के बाद जागा स्वास्थ्य विभाग, दो क्लीनिक सील होने के बाद भी झोलाछापों पर कार्रवाई का सवाल

मातृभूमि की पुकार (संवाददाता)
मिर्जापुर/शाहजहांपुर। मिर्जापुर क्षेत्र में महिला की मौत के मामले को लेकर स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई के बाद अब पूरे मामले ने नया मोड़ ले लिया है। MBP न्यूज नेटवर्क खबर के अनुसार, स्वास्थ्य विभाग की टीम ने सोमवार को क्षेत्र में छापेमारी कर जरियानपुर स्थित एक मेडिकल स्टोर समेत दो क्लीनिकों पर नोटिस चस्पा किए, जबकि अवैध रूप से संचालित क्लीनिकों और झोलाछाप चिकित्सकों के खिलाफ कार्रवाई से क्षेत्र में हड़कंप मच गया।बताया गया कि बहरिया गांव निवासी असलम की पत्नी शाहिदा की तबीयत खराब होने पर उसे उपचार के लिए मिर्जापुर कस्बे के एक क्लीनिक पर ले जाया गया था। परिजनों का आरोप है कि उपचार के दौरान महिला को इंजेक्शन लगाए गए, जिसके बाद घर पहुंचते ही उसकी हालत बिगड़ गई और उसकी मौत हो गई। घटना के बाद परिजनों ने स्वास्थ्य विभाग और पुलिस से शिकायत कर कार्रवाई की मांग की थी।मामले की जानकारी सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने संबंधित प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया। खबर के मुताबिक, सीएमओ के निर्देश पर क्लीनिकों और मेडिकल स्टोर के खिलाफ कार्रवाई की गई तथा दो क्लीनिकों को सील किया गया।
अब बड़ा सवाल—क्या सिर्फ सीलिंग से थमेगा झोलाछापों का कारोबार?
कार्रवाई के बाद क्षेत्र के लोगों में उम्मीद जगी है कि बिना उचित डिग्री और पंजीकरण के चिकित्सा कार्य करने वालों पर शिकंजा कसेगा। हालांकि, ग्रामीणों का सवाल है कि यदि क्षेत्र में लंबे समय से अवैध रूप से क्लीनिक संचालित हो रहे थे तो स्वास्थ्य विभाग की निगरानी व्यवस्था पहले क्यों नहीं जागी?ग्रामीणों का कहना है कि केवल घटना के बाद छापेमारी और क्लीनिक सील करने के बजाय बिना पंजीकरण चिकित्सा करने वालों की नियमित जांच और प्रभावी कार्रवाई जरूरी है, ताकि भविष्य में किसी मरीज की जान जोखिम में न पड़े।
MBP न्यूज नेटवर्क इस मामले की आगे की कार्रवाई और स्वास्थ्य विभाग की जांच पर भी नजर बनाए रखेगा।






