मिर्जापुर क्षेत्र में पनप रहे झोलाछाप डॉक्टर, बिना डिग्री-रजिस्ट्रेशन के संचालित हो रहे क्लीनिकों पर उठे सवाल
झोलाछाप डॉक्टर से उपचार के बाद महिला की मौत, मौत की खबर मिलते ही क्लीनिक बंद कर फरार होने का आरोप

मिर्जापुर क्षेत्र में पनप रहे झोलाछाप डॉक्टर, बिना डिग्री-रजिस्ट्रेशन के संचालित हो रहे क्लीनिकों पर उठे सवाल
झोलाछाप डॉक्टर से उपचार के बाद महिला की मौत, मौत की खबर मिलते ही क्लीनिक बंद कर फरार होने का आरोप
मातृभूमि की पुकार (संवाददाता)
मिर्जापुर। शाहजहांपुर क्षेत्र में बिना डिग्री और पंजीकरण के कथित रूप से संचालित हो रहे क्लीनिकों को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में ऐसे कथित झोलाछाप चिकित्सकों द्वारा इलाज किए जाने की शिकायतें सामने आती रहती हैं। इसी बीच बहरिया गांव निवासी 40 वर्षीय सईदा बेगम पत्नी असलम की उपचार के बाद मौत का मामला सामने आया है।परिजनों के अनुसार सईदा बेगम को बुखार आ रहा था। वह टीबी से भी पीड़ित थीं और करीब एक वर्ष पूर्व सीएचसी से उनका उपचार चला था। गुरुवार को करीब एक बजे सईदा बेगम मिर्जापुर के पांडे मार्केट में कथित रूप से झोलाछाप डॉक्टर के पास पहुंचीं। परिजनों का आरोप है कि वहां उनका एक्स-रे कराया गया और इसके बाद बुखार का इंजेक्शन लगाया गया।परिजनों के मुताबिक उपचार के बाद सईदा बेगम घर वापस पहुंचीं, जहां उनकी तबीयत बिगड़ गई और खून की उल्टी होने के बाद उनकी मृत्यु हो गई। परिजनों का आरोप है कि महिला की मौत की जानकारी मिलते ही संबंधित कथित चिकित्सक अपनी दुकान बंद कर फरार हो गया।मृतका के परिवार में पति असलम के अलावा छह बच्चे हैं। सबसे बड़ा पुत्र युनुस 22 वर्ष, जिनुश 20 वर्ष, पुत्री रेशमा 18 वर्ष जिसकी शादी हो चुकी है, चांद बाबू 14 वर्ष, जासमीन 12 वर्ष तथा गुलाम हसन 7 वर्ष का है। महिला की मौत से परिवार में मातम पसरा हुआ है।
परिजनों ने पुलिस को दी तहरीर
मृतका के परिजनों ने पुलिस को प्रार्थना पत्र देकर मामले में झोला छाप डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने परिजनों की तहरीर के आधार पर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस के अनुसार पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के वास्तविक कारणों के आधार पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।महिला की मौत के बाद क्षेत्र में बिना डिग्री एवं पंजीकरण के संचालित बताए जा रहे कथित क्लीनिकों को लेकर भी सवाल खड़े हो गए हैं। अब देखना होगा कि स्वास्थ्य विभाग ऐसे क्लीनिकों के खिलाफ जांच और कार्रवाई करता है या नहीं







