जलालाबाद में स्थानीय प्रत्याशी की मांग: अजय गुप्ता ने पत्नी अपूर्वा ठाकुर को भाजपा टिकट दिलाने के लिए शुरू किया चुनावी अभियान का शंखनाद

जलालाबाद में स्थानीय प्रत्याशी की मांग: अजय गुप्ता ने पत्नी अपूर्वा ठाकुर को भाजपा टिकट दिलाने के लिए शुरू किया चुनावी अभियान का शंखनाद 
ब्यूरो रिपोर्ट धीरज गुप्ता
जलालाबाद । जलालाबाद विधानसभा क्षेत्र में वर्षों से चली आ रही “आयातित प्रत्याशी” की परंपरा को तोड़ने की कोशिश में भाजपा के स्थानीय नेता अजय गुप्ता ने अपनी पत्नी अपूर्वा ठाकुर को संभावित पार्टी प्रत्याशी बनाकर चुनावी मैदान में उतार दिया है।
शुक्रवार को अपूर्वा ठाकुर और अजय गुप्ता ने भगवान परशुराम मंदिर पहुंचकर दर्शन किए और वहां से औपचारिक रूप से चुनाव प्रचार की शुरुआत कर दी। मंदिर परिसर में स्थानीय कार्यकर्ताओं और समर्थकों की भारी भीड़ उमड़ी रही।अजय गुप्ता ने समर्थकों को संबोधित करते हुए कहा,“जलालाबाद की जनता पर सालों से बाहर के लोगों को थोपा जा रहा है। यहां के स्थानीय मुद्दों को समझने वाला, क्षेत्र की मिट्टी से जुड़ा व्यक्ति ही विधायक बनना चाहिए। इस बार हम अपनी माटी का बेटा-बेटी को विधानसभा भेजेंगे। अपूर्वा ठाकुर स्थानीय हैं, जनता की समस्याओं से रू-ब-रू हैं और विकास कार्यों को आगे बढ़ाने की पूरी क्षमता रखती हैं।”जलालाबाद विधानसभा में पिछले कई चुनावों में भाजपा से निर्वाचित विधायक ज्यादातर बाहर से आए रहे हैं। इस बार अजय गुप्ता दंपति ने इसी मुद्दे को केंद्र में रखकर प्रचार शुरू किया है। अपूर्वा ठाकुर ने भी समर्थकों से अपील की कि अब जलालाबाद को अपना प्रतिनिधि चाहिए, जो क्षेत्र की समस्याओं—सड़क, बिजली, पानी, शिक्षा और रोजगार—को प्राथमिकता दे।स्थानीय भाजपा कार्यकर्ताओं में इस कदम से उत्साह दिख रहा है। कई कार्यकर्ता लंबे समय से मांग कर रहे थे कि टिकट स्थानीय चेहरे को दिया जाए। अपूर्वा ठाकुर को यदि भाजपा टिकट देती है तो यह पहली बार होगा जब कोई महिला स्थानीय प्रत्याशी के रूप में इस सीट से मैदान में उतरेगी।क्या कहते हैं राजनीतिक गलियारे?जलालाबाद में भाजपा की मजबूत पकड़ मानी जाती है, लेकिन स्थानीय बनाम बाहरी का मुद्दा हर चुनाव में उठता रहा है। अजय गुप्ता की इस सक्रियता को पार्टी के अंदरूनी सूत्र “टिकट दावेदारी” के रूप में देख रहे हैं। हालांकि अंतिम फैसला पार्टी उच्च कमान ही करेगा।अभी तक भाजपा ने जलालाबाद के लिए कोई आधिकारिक प्रत्याशी घोषित नहीं किया है, लेकिन अपूर्वा ठाकुर की सक्रियता और मंदिर से शुरू हुए प्रचार को स्थानीय स्तर पर काफी चर्चा मिल रही है।जनता अब देख रही है कि इस बार जलालाबाद की जनता “अपने” प्रत्याशी को विधायक बनाकर विधानसभा भेजेगी या फिर पुरानी परंपरा जारी रहेगी।




