उत्तर प्रदेशशाहजहांपुर

एडीएम वित्त की अध्यक्षता में आपदा जोखिम न्यूनीकरण पर जनपद स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम संपन्न

अटल ऑडिटोरियम में स्वयं सहायता समूहों और राजस्व कर्मियों को सिखाए गए आपदा प्रबंधन के गुर

एडीएम वित्त की अध्यक्षता में आपदा जोखिम न्यूनीकरण पर जनपद स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम संपन्न

अटल ऑडिटोरियम में स्वयं सहायता समूहों और राजस्व कर्मियों को सिखाए गए आपदा प्रबंधन के गुर

ब्यूरो रिपोर्ट धीरज गुप्ता

शाहजहाँपुर | 24 मार्च, 2026

 

जिलाधिकारी – अटल ऑडिटोरियम में आपदा जोखिम न्यूनीकरण (Disaster Risk Reduction) विषय पर एक दिवसीय वृहद जनपद स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में महिला स्वयं सहायता समूहों (SHGs) की सदस्यों सहित विभिन्न महत्वपूर्ण स्टेकहोल्डर्स जैसे अध्यापक, राजस्व निरीक्षक, अमीन और लेखपालों ने प्रतिभाग किया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता अपर जिलाधिकारी (वि0/रा0) अरविन्द कुमार द्वारा की गई। अपने संबोधन में एडीएम एफआर ने कहा कि आपदाएं अनपेक्षित होती हैं, लेकिन यदि हम पूर्व में ही जागरूक और प्रशिक्षित हों, तो जन-धन की हानि को न्यूनतम स्तर पर लाया जा सकता है। उन्होंने विभिन्न प्राकृतिक एवं मानव जनित आपदाओं से होने वाले नुकसान के प्रति सचेत करते हुए बचाव के वैज्ञानिक तरीकों को अपनाने पर जोर दिया।

प्रशिक्षण के दौरान विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों ने प्रतिभागियों को महत्वपूर्ण जानकारियाँ साझा कीं: जिला आपदा विशेषज्ञ ने शाहजहाँपुर जनपद की भौगोलिक स्थिति के अनुसार आपदाओं के प्रकार, संवेदनशीलता और राहत कार्यों के सरकारी मानकों पर विस्तृत चर्चा की। मास्टर ट्रेनर्स श्री रवीश खान एवं वीरेन्द्र सिंह ने आपदा जोखिम प्रबंधन में महिला स्वयं सहायता समूहों की भूमिका को रेखांकित किया। उन्होंने बताया कि जमीनी स्तर पर महिलाएं कैसे एक प्रभावी ‘फर्स्ट रिस्पॉन्डर’ की भूमिका निभा सकती हैं। अग्निशमन अधिकारी डॉ. बी.एन. पटेल ने आगजनी जैसी आपात स्थितियों में त्वरित प्रतिक्रिया और बचाव कार्यों का प्रयोगात्मक ज्ञान साझा किया। उप मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. दिनेश कुमार ने ‘बेसिक लाइफ सपोर्ट’ (BLS) के तहत सीपीआर और प्राथमिक उपचार के तरीकों का प्रदर्शन किया, ताकि अस्पताल पहुँचने से पूर्व घायल की जान बचाई जा सके। आपदा मित्र कमांडर इन्द्रजीत लोधी ने ग्रामीण क्षेत्रों में होने वाली सामान्य घटनाओं जैसे सर्पदंश और डूबने से बचाव के व्यावहारिक उपायों की जानकारी दी।

प्रशिक्षण को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए सूचना, शिक्षा और संचार (IEC) सामग्री का वितरण किया गया। साथ ही, ऑडिटोरियम में आपदा प्रबंधन से संबंधित लघु फिल्मों और वीडियो का प्रदर्शन किया गया, जिससे प्रतिभागियों को आपदाओं के दौरान ‘क्या करें और क्या न करें’ की स्पष्ट समझ विकसित हुई।

कार्यक्रम के अंतिम चरण में प्रतिभागियों से फीडबैक लिया गया, जिसमें सभी ने इस प्रशिक्षण को अत्यंत उपयोगी बताया। कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ, जिसमें आपदाओं के प्रति ‘शून्य सहनशीलता’ (Zero Tolerance) की नीति पर काम करने का संकल्प लिया गया।

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