निर्वाचक नामावली में छूटे मतदाताओं का होगा चिह्नांकन, पात्र व्यक्तियों के नाम जोड़ने के लिए चलेगा अभियान।

निर्वाचक नामावली में छूटे मतदाताओं का होगा चिह्नांकन, पात्र व्यक्तियों के नाम जोड़ने के लिए चलेगा अभियान।
जिलाधिकारी की अध्यक्षता में राजनीतिक दलों के पदाधिकारियों के साथ बैठक आयोजित, बीएलओ घर-घर जाकर करेंगे मतदाताओं का सत्यापन।
मातृभूमि की पुकार (संवाददाता)

शाहजहांपुर, 12 अक्टूबर। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों के क्रम में 10 अप्रैल 2026 को प्रकाशित अंतिम निर्वाचक नामावली का विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण से पूर्व प्रकाशित निर्वाचक नामावली एवं पूरक सूचियों से मिलान कराए जाने के संबंध में जिलाधिकारी/जिला निर्वाचन अधिकारी धर्मेंद्र प्रताप सिंह की अध्यक्षता में राजनीतिक दलों के पदाधिकारियों के साथ बैठक आयोजित की गई। बैठक में आयोग की गाइडलाइंस के अनुरूप की जाने वाली विभिन्न कार्यवाहियों की जानकारी देते हुए राजनीतिक दलों से अभियान में सहयोग प्रदान करने की अपील की।बैठक में बताया गया कि मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उत्तर प्रदेश के निर्देशों के क्रम में 10 अप्रैल 2026 को प्रकाशित अंतिम निर्वाचक नामावली का अर्हता तिथि 01 जनवरी 2025 के आधार पर विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण के अंतर्गत 07 जनवरी 2025 को प्रकाशित अंतिम निर्वाचक नामावली एवं पूरक सूचियों से मिलान किया जाएगा।इस प्रक्रिया के दौरान ऐसे मतदाताओं को चिह्नित कर बूथवार सूची तैयार की जाएगी, जिनका नाम विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण से पूर्व की निर्वाचक नामावली में दर्ज था, लेकिन 10 अप्रैल 2026 को प्रकाशित अंतिम निर्वाचक नामावली में शामिल नहीं है। चिह्नित मतदाताओं का भौतिक सत्यापन करने के लिए बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) द्वारा घर-घर जाकर संपर्क किया जाएगा। सत्यापन के दौरान पात्र पाए जाने वाले व्यक्तियों का फार्म-6 भरवाकर उनका नाम निर्वाचक नामावली में सम्मिलित करने की कार्यवाही की जाएगी।बीएलओ को एक सप्ताह में कम से कम 20 से 25 निर्वाचकों से संपर्क करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि यह कार्य लगभग एक माह में पूरा किया जा सके। बीएलओ द्वारा तैयार की जाने वाली सूची में प्रत्येक निर्वाचक की वर्तमान स्थिति का विवरण दर्ज किया जाएगा। साथ ही, जिन मतदाताओं के फार्म-6 भरवाए जाएंगे, उनका विवरण भी सूची में शामिल किया जाएगा।घर-घर भ्रमण के दौरान छूटे हुए मतदाताओं के साथ-साथ प्रथम बार मतदान करने वाले युवा मतदाताओं, महिला मतदाताओं एवं दिव्यांग मतदाताओं का भी चिह्नांकन किया जाएगा। पात्र पाए जाने वाले ऐसे व्यक्तियों का फार्म-6 भरवाकर निर्वाचक नामावली में नाम सम्मिलित करने की कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी। बीएलओ द्वारा तैयार की गई सूची को मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के बूथ लेवल एजेंटों (बीएलए) तथा निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों के साथ भी साझा किया जाएगा।बैठक में रात्रि आश्रयों, श्रमिक बस्तियों, बेघर व्यक्तियों तथा समाज की मुख्यधारा से वंचित लोगों को भी निर्वाचक नामावली में शामिल करने पर विशेष जोर दिया गया। इसके लिए ग्रामसभा, नगर पंचायत एवं बूथ स्तर पर विशेष शिविर आयोजित किए जाएंगे, ताकि कोई भी पात्र व्यक्ति मतदाता बनने से वंचित न रहे।मतदाताओं की सुविधा एवं जागरूकता के लिए शिक्षण संस्थानों, स्थानीय जनसंपर्क, स्वीप गतिविधियों तथा प्रेस ब्रीफिंग के माध्यम से व्यापक प्रचार-प्रसार भी कराया जाएगा।जिलाधिकारी/जिला निर्वाचन अधिकारी ने सभी राजनीतिक दलों से निर्वाचन आयोग के निर्देशों के अनुरूप संचालित इस अभियान में पूर्ण सहयोग प्रदान करने की अपील की। उन्होंने राजनीतिक दलों से यह भी अपेक्षा की कि वे प्रारूप पुनरीक्षण के दौरान नियुक्त अपने बूथ लेवल एजेंटों को अभियान की प्रक्रिया एवं कार्यवाही के संबंध में आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराएं, ताकि पात्र मतदाताओं के नाम निर्वाचक नामावली में शामिल करने की कार्यवाही प्रभावी ढंग से संपन्न कराई जा सके।






