भारतीय स्टेट बैंक मिर्जापुर के शाखा प्रबंधक पर लगा रिश्वत लेने का आरोप।

भारतीय स्टेट बैंक मिर्जापुर के शाखा प्रबंधक पर लगा रिश्वत लेने का आरोप।


मातृभूमि की पुकार (संवाददाता)
मिर्जापुर/ शाहजहांपुर, सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार भारतीय स्टेट बैंक मिर्जापुर के शाखा प्रबंधक व कैशियर पर प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना की फाइलों में ₹5000 रूपये प्रति फाइल के हिसाब से रिश्वत लेने का आरोप क्षेत्रीय ग्रामीणों ने लगाया है। प्रदेश के मुखिया योगी आदित्यनाथ भले ही अपने अफसरों को हर योजना में पारदर्शिता लाने की नसीहत देते हैं। लेकिन सरकारी दफ्तरों में बैठे सरकारी नुमायनदे। योजनाओं से लाभान्वित करने से पहले ही उनकी जेब पर डाका डालते हैं। या फिर उन फाइलों को अपात्र दर्शाकर रद्दी टोकरियों में फेंक देते हैं। और पात्र लाभार्थी इन दफ्तरों के चक्कर लगाते रहते हैं। ऐसा ही मामला मिर्जापुर शाखा का है जहां क्षेत्रीय ग्रामीण हरविलास वर्मा,अजीत सिंह,धारा सिंह, देवेंद्र इत्यादि ग्रामीणों ने भारतीय स्टेट बैंक के क्षेत्रीय कार्यालय शाहजहांपुर को पत्र के माध्यम से शिकायत की जिसमें शाखा प्रबंधक व कर आयरन विक्रांत द्वारा बड़े पैमाने पर प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के अंतर्गत प्रति फाइल₹5000 रिश्वत वेंडरों के द्वारा ली जा रही है। का आरोप लगाया है। आरोप है। दिनांक 07/03/2026 को खाता संख्या 3682 091 4017 में 95000 रूपये व 4999 किसी वेंडर द्वारा भेजे गए। और दिनांक 07/03/2026 को ही कुशवाहा मोबाइल शॉप के खाते में ट्रांसफर करके₹100000 रुपए निकालकर खाता धारक द्वारा बैंक मैनेजर को दिए गए उसके सामने ही शाखा प्रबंधक और कैशियर ने आधे आधे रुपए रिश्वत के बांट लिए और संविदा कर्मी को एक रुपए नहीं दिया गया तो संविदा कर्मी से इस संबंध में वार्ता करने पर उपरोक्त कथन को सत्य बताया गया पूर्ण वार्ता का वीडियो भी प्रार्थी के पास है जिसमें संविदा कर्मी स्वयं रिश्वत देने के तरीके को बता रहा है। शाखा मिर्जापुर में इस तरह के भ्रष्टाचार से ग्राम वासियों मैं काफी चर्चा के साथ रोष है।इस शाखा प्रबंधक द्वारा रिश्वत लेना बंद नहीं किया गया तो ग्रामीणों द्वारा आंदोलन व माननीय न्यायालय जाने के लिए बाध्य होंगे जिसकी समस्त जिम्मेदारी संबंधित की होगी। साथ ही उक्त प्रकरण के उच्च स्तरीय जांच करवा कर दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने की मांग की।
इस संबंध में जब शाखा प्रबंधक शैलेंद्र श्रीवास्तव से फोन से वार्ता की गई तो उन्होंने बताया कि वेंडरों द्वारा पैसा लेने का मामला सामने आया है। मेरे द्वारा पैसे का कोई लेनदेन नहीं किया गया शिकायत वे बुनियाद है।




