नेशनल कैंसर सर्वाइवर्स डे पर विजेता का संदेशसकारात्मक सोच और जिंदादिली के दम पर सैंकड़ों कैंसर पीड़ित बच्चों की ताकत बने शशांक पटेल।

नेशनल कैंसर सर्वाइवर्स डे पर विजेता का संदेशसकारात्मक सोच और जिंदादिली के दम पर सैंकड़ों कैंसर पीड़ित बच्चों की ताकत बने शशांक पटेल।

मातृभूमि की पुकार (संवाददाता)
शाहजहांपुर।शहीदों की पावन धरती शाहजहांपुर के ग्राम हुसैनपुर कबरा के निवासी 28 वर्षीय शशांक पटेल अपनी सकारात्मक सोच और जिंदादिली के दम पर सैंकड़ों कैंसर पीड़ित बच्चों की ताकत बन चुके हैं। कुछ साल पहले 2009 में वह खुद नूरोफाइरोसारकोमा ट्यूमर से पीड़ित थे, लेकिन खुश रहकर बीमारी को मात देने का उनका नुस्खा इतना कारगर सिद्ध हुआ कि आखिरकार कैंसर को हार माननी ही पड़ी। इस दौरान उनके पापा की नौकरी चली गई। वह आर्मी ज्वाइन करना चाहते थे लेकिन सर्जरी कीमोथेरेपी रेडियोथेरेपी होने के कारण यह संभव नहीं था। फिर उन्होंने निर्णय लिया कि अब हम कैंसर से पीड़ित बच्चों के लिए काम करेंगे वर्ष 2018 में बाल विभाग केजीएमयू लखनऊ में संचालित कैनकिड्स संस्था में उन्होंने सोशल वर्कर पद को ज्वाइन किया। अब उनकी जिंदगी का मकसद है कि हर माता-पिता तक संदेश पहुंचाना है कि बच्चों को होने वाला कैंसर का इलाज संभव है। यह कैनकिड्स संस्था के सहयोग से भर्ती कैंसर से पीड़ित बच्चों के माता-पिता की काउंसलिंग के माध्यम से बच्चों के भीतर तक का डर निकालता है और कैनकिड्स संस्था के माध्यम से कैंसर से पीड़ित बच्चों के लिए फाइनेंसियल साइक्लोजिकल, मेडिकल, एजुकेशन, ब्लड सपोर्ट , रहने की सुविधा आदि की मदद दे रहे हैं।
शशांक पटेल अब तक राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, उत्तर प्रदेश के सहयोग से कैनकिड्स संस्था द्वारा चाइल्डहुड कैंसर के बचाव एवं जागरूकता गतिविधियाँ हेतु लगभग उत्तर प्रदेश के 65 जनपद के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों में लगभग 15000 आशा वर्करों और एएनएम को प्रशिक्षण दे चुके हैं उन्होंने बताया है बताया है कि उत्तर प्रदेश में शून्य से 19 वर्ष तक की उम्र के 14700 बच्चे प्रतिवर्ष कैंसर के शिकार होते हैं। यह आंकड़ा देश में सबसे अधिक है। इसके बावजूद प्रदेश में केवल 42 फीसदी कैंसर मरीज ही स्वास्थ्य सेवा प्राप्त कर पा रहे हैं, जबकि 58 फीसदी उपचार केंद्र तक नहीं पहुंच पा रहे हैं कि इस जागरूकता के माध्यम से इलाज में होने वाली देरी व असमय मृत्यु को बहुत हद तक रोका जा सकता हैlइस अवसर पर उन्होंने ने आशा वर्करों और एएनएम से अपील की है कि हर माता पिता तक संदेश पहुंचना है कि बच्चों में होने वाले कैंसर का इलाज है और उन्होंने कहां है अगर किसी बच्चे में कैंसर के शुरुआती लक्षण दिखते हैं तो उसके अभिभावक हमारी कैनकिड्स संस्था उत्तर प्रदेश के स्टेट् हेल्प लाइन नंबर 9811284406 पर कॉल करके मदद ले सकता हैl




