फर्रुखाबाद में 4500 हेक्टेयर जमीन अधिग्रहण का विरोध तेज, किसानों का बड़ा ऐलान — “जान दे देंगे, जमीन नहीं देंगे |

फर्रुखाबाद में 4500 हेक्टेयर जमीन अधिग्रहण का विरोध तेज, किसानों का बड़ा ऐलान — “जान दे देंगे, जमीन नहीं देंगे |

ब्यूरो चीफ/ संजीव कुमार प्रजापति
औद्योगिक गलियारे के खिलाफ गांव-गांव में शुरू हुई जन चेतना यात्रा , लगभग 17 गाँव की उपजाऊ भूमि अधिग्रहण।

जनपद /फर्रुखाबाद
फर्रुखाबाद में औद्योगिक गलियारा बनाने के नाम पर 4500 हेक्टेयर उपजाऊ भूमि के अधिग्रहण का किसानों ने खुलकर विरोध शुरू कर दिया है। अमलैया आसानंद के बाग में आयोजित एक दर्जन गांवों के किसानों की सभा में किसान आंदोलन के प्रदेश अध्यक्ष अजय अनमोल ने कहा कि मनमाने ढंग से किसानों की जमीन का अधिग्रहण किसी भी कीमत पर नहीं होने दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि देश और प्रदेश में पहले से ही लाखों एकड़ जमीन अधिग्रहित पड़ी है, जहां अब तक कोई उद्योग स्थापित नहीं हुआ है। ऐसे में फर्रुखाबाद की उपजाऊ कृषि भूमि का अधिग्रहण जनहित के खिलाफ है। किसान अब सरकार की नीतियों और 2013 के भूमि अधिग्रहण कानून को अच्छी तरह समझ चुके हैं।
प्रदेश प्रभारी अशोक कटियार ने सरकार पर भेदभावपूर्ण नीति अपनाने का आरोप लगाते हुए उत्तर प्रदेश में भी अन्य राज्यों की तरह 300 यूनिट मुफ्त बिजली, महिलाओं को ₹3000 मासिक सहायता और बेरोजगार युवाओं को ₹4000 मासिक भत्ता देने की मांग की। उन्होंने इसके लिए जन सत्याग्रह शुरू करने का ऐलान भी किया।
ग्राम सुधार समिति के अध्यक्ष आकाश कटियार ने कहा कि किसानों के साथ अन्याय और शोषण के खिलाफ एकजुट होकर बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
सभा के बाद किसानों ने नारेबाजी करते हुए जन चेतना यात्रा निकाली। अगली किसान सभा 14 जून को अमिलैया आशानंद में आयोजित होगी।
सभा में राजीव यादव लालू, राजवीर कठेरिया, प्रधान प्रमोद गंगवार, मदारी गंगवार, मृदुल गंगवार, कृष्णपाल, योगेंद्र सिंह, नवीन चंद्र, डॉ. जनार्दन गंगवार, अवनींद्र देवेश चतुर्वेदी, रामनरेश, विष्णु चंद्र, आरएस गंगवार, अंशुल गंगवार, रामौतार यादव, वीर सिंह यादव, भोजराम यादव, महेंद्र सिंह गंगवार सहित बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।




