पशु चिकित्सा केंद्रों एवं गौशालाओं की व्यवस्थाएं दुरुस्त रखने के निर्देश -डीएम

पशु चिकित्सा केंद्रों एवं गौशालाओं की व्यवस्थाएं दुरुस्त रखने के निर्देश -डीएम
गौशालाओं में लापरवाही मिलने पर होगी कठोर कार्रवाई: जिलाधिकारी
मातृभूमि की पुकार (संवाददाता)

शाहजहांपुर, 12 अगस्त। जिलाधिकारी धर्मेन्द्र प्रताप सिंह की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में पशुपालन विभाग की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिलाधिकारी ने जनपद के सभी विकासखंडों में संचालित पशु चिकित्सा केंद्रों, वहां तैनात चिकित्सकों एवं कर्मचारियों की स्थिति की ब्लॉकवार जानकारी लेते हुए आवश्यक दिशा निर्देश दिए।जिलाधिकारी ने सभी पशु चिकित्सा केंद्रों की एक-एक कर समीक्षा की तथा निर्देशित किया कि प्रत्येक केंद्र का स्थलीय निरीक्षण कर उसकी वास्तविक स्थिति से अवगत कराया जाए। उन्होंने पशु चिकित्सा केंद्रों की बाउंड्रीवाल सहित परिसर के फोटोग्राफ उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिए। बैठक में पशु चिकित्सा अधिकारियों द्वारा ब्लॉकवार उपचारित पशुओं की संख्या, बधियाकरण कार्यक्रम, कृत्रिम गर्भाधान तथा उससे उत्पन्न संतति की प्रगति की जानकारी दी गई। जिलाधिकारी ने पिछले दो वर्षों के कृत्रिम गर्भाधान एवं उत्पन्न संतति का विस्तृत डाटा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी द्वारा गला घोंटू रोग की रोकथाम के लिए एचएस टीकाकरण, खुरपका-मुंहपका रोग की रोकथाम हेतु एफएमडी टीकाकरण राउंड-8 की प्रगति तथा मिनी नंदनी कृषक समृद्धि योजना की स्थिति से जिलाधिकारी को अवगत कराया।इसके अतिरिक्त जिलाधिकारी ने जनपद की गौशालाओं में रख-रखाव, साफ-सफाई, पशुओं की देखरेख, चारा-भूसा, पेयजल तथा सीसीटीवी कैमरों के संचालन की स्थिति की जानकारी संबंधित पशु चिकित्सकों से ली। उन्होंने पूछा कि क्या नियमित रूप से वृहद गौशालाओं का निरीक्षण किया जा रहा है। जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि गौशालाओं की व्यवस्थाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। निरीक्षण के दौरान यदि किसी गौशाला में कमी अथवा अनियमितता पाई जाती है तो संबंधित अधिकारी/कर्मचारी के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को अपने दायित्वों का गंभीरतापूर्वक निर्वहन करते हुए पशुपालन विभाग से संबंधित योजनाओं एवं कार्यक्रमों की प्रगति में सुधार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।बैठक के दौरान मुख्य विकास अधिकारी उत्कर्ष द्विवेदी, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ राजेंद्र प्रताप सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।





