स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर जिला कारागार में गूंजा देशभक्ति का स्वर, कवि सम्मेलन ने बांधा समां

स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर जिला कारागार में गूंजा देशभक्ति का स्वर, कवि सम्मेलन ने बांधा समां

न्यायिक अधिकारियों व जेल प्रशासन की मौजूदगी में हुआ भव्य आयोजन, कवियों ने वीर रस और राष्ट्रप्रेम की रचनाओं से किया भावविभोर
मातृभूमि की पुकार (संवाददाता)
शाहजहांपुर। स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर जिला कारागार, शाहजहांपुर में देशभक्ति साहित्य एवं मानवीय संवेदनाओं से ओत-प्रोत भव्य कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जनपद न्यायाधीश श्री धर्मेंद्र कुमार पाण्डेय मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रथम श्री सुरेश कुमार शर्मा, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट श्रीमती ज्योति एवं सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्रीमती अपेक्षा सिंह सहित न्यायिक एवं प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन एवं पुष्पार्चन से हुआ। जेल अधीक्षक श्री जे.पी. तिवारी ने अतिथियों का पुष्पगुच्छ, शॉल एवं स्मृति-चिह्न भेंट कर स्वागत किया।कवि सम्मेलन में विभिन्न जनपदों से आए कवियों एवं कवयित्रियों ने देशभक्ति, वीर रस, हास्य-व्यंग्य और सामाजिक सरोकारों से जुड़ी रचनाएं प्रस्तुत कर कारागार परिसर को तालियों की गड़गड़ाहट से गुंजायमान कर दिया। राष्ट्रप्रेम और राष्ट्रीय एकता को समर्पित काव्य प्रस्तुतियों ने बंदियों, कर्मचारियों एवं अधिकारियों को भावविभोर कर दिया।जनपद न्यायाधीश ने स्वतंत्रता के महत्व, राष्ट्र के प्रति कर्तव्यों तथा व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन की आवश्यकता पर प्रकाश डाला। जेल अधीक्षक श्री जे.पी. तिवारी ने कहा कि कारागार केवल निरुद्ध रखने का स्थान नहीं, बल्कि सुधार, शिक्षा और सकारात्मक पुनर्निर्माण का केंद्र भी है। साहित्य एवं संस्कृति बंदियों के भीतर सकारात्मक चेतना जगाने का सशक्त माध्यम हैं।कार्यक्रम में जेल अधिकारी-कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में बंदी उपस्थित रहे। राष्ट्रप्रेम, साहित्य और मानवीय संवेदनाओं के अद्भुत संगम से कवि सम्मेलन अत्यंत उत्साहपूर्ण एवं भावपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ।





