स्वयं सहायता समूहों की प्रगति खराब मिलने पर डीएम ने दिए आवश्यक दिशा निर्देश

स्वयं सहायता समूहों की प्रगति खराब मिलने पर डीएम ने दिए आवश्यक दिशा निर्देश
बीएमएम को चेतावनी और एडीओ आईएसबी को प्रतिकूल प्रविष्टि के निर्देश
मातृभूमि की पुकार (संवाददाता)
शाहजहांपुर, 13 अगस्त। जिलाधिकारी धर्मेन्द्र प्रताप सिंह की अध्यक्षता में पंचायत राज विभाग, वीबी राम जी, एनआरएलएम, जीरो पॉवर्टी, गौ-संरक्षण, ग्रामीण पुस्तकालय, फैमिली आईडी, अन्नपूर्णा भवन एवं रिक्त दुकानों सहित विभिन्न योजनाओं की समीक्षा बैठक कलेक्ट्रेट स्थित बिस्मिल सभागार में आयोजित की गई।बैठक में जिलाधिकारी ने राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन की समीक्षा करते हुए स्वयं सहायता समूहों में जोड़े गए सदस्यों एवं नए गठित समूहों की प्रगति की जानकारी ली। विकासखंड निगोही एवं ददरौल में स्वयं सहायता समूहों के गठन की स्थिति संतोषजनक न मिलने पर उन्होंने नाराजगी व्यक्त की। जिलाधिकारी ने दोनों विकासखंडों के दो-दो बीएमएम को चेतावनी तथा संबंधित एडीओ आईएसबी को प्रतिकूल प्रविष्टि देने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि 15 दिनों में सुधार नहीं होने पर बीएमएम की सेवा समाप्ति तथा एडीओ आईएसबी के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने स्वयं सहायता समूहों को सीसीएल एवं सीआईएफ फंड उपलब्ध कराने तथा प्रत्येक विकासखंड में उत्कृष्ट कार्य करने वाले समूहों को प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए।वीबी राम जी योजना की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने डीसी मनरेगा को निर्देश दिए कि प्राथमिक विद्यालयों में वीबी राम जी के माध्यम से मिड-डे-मील शेड का निर्माण कराया जाए। जिन विद्यालयों के भवन ध्वस्त हो चुके हैं, वहां प्राथमिकता के आधार पर मिड-डे-मील शेड बनवाने के निर्देश दिए।अन्नपूर्णा भवनों के निर्माण की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने सभी खंड विकास अधिकारियों को अपूर्ण अन्नपूर्णा भवनों का निर्माण शीघ्र पूरा कराने के निर्देश दिए। उन्होंने जनपद में रिक्त पड़ी 24 राशन दुकानों का जल्द से जल्द नियमानुसार आवंटन कराने को कहा।गौ-संरक्षण की समीक्षा में जिलाधिकारी ने अस्थायी गौशालाओं की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिए कि 100 से कम गोवंश वाली गौशालाओं को बंद कर वहां संरक्षित गोवंश को अन्य गौशालाओं में शिफ्ट किया जाए। यह कार्य 31 अक्टूबर तक पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि गौशालाओं में गोवंश के लिए हरा चारा, पर्याप्त पानी, छाया एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं हर हाल में सुनिश्चित की जाएं।पंचायती राज विभाग की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने व्यक्तिगत शौचालयों के लंबित आवेदनों का एक सप्ताह के भीतर निस्तारण करने के निर्देश दिए। स्वीकृत व्यक्तिगत शौचालयों की प्रथम किस्त तत्काल जारी कराने को कहा। उन्होंने सभी बीडीओ एवं एडीओ को चयनित गांवों को शत-प्रतिशत मॉडल विलेज के रूप में विकसित करने के लिए जन चौपाल आयोजित कर स्थलीय निरीक्षण करने के निर्देश दिए।जिलाधिकारी ने ओडीएफ प्लस ग्रामों में ई-रिक्शा के माध्यम से घर-घर कूड़ा उठान की व्यवस्था को प्रभावी बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कूड़ा उठान के फोटोग्राफ जीपीएस लोकेशन सहित उपलब्ध कराए जाएं। साथ ही सामुदायिक शौचालयों के फोटोग्राफ भी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

बैठक में मुख्य विकास अधिकारी उत्कर्ष द्विवेदी, परियोजना निदेशक अवधेश राम, जिला विकास अधिकारी ऋषि पाल सिंह, डीसी मनरेगा यशोवर्धन, जिला पंचायत राज अधिकारी, अपर जिला पंचायत राज अधिकारी, समस्त सहायक विकास अधिकारी पंचायत, समस्त खंड विकास अधिकारी एवं जिला कंसलटेंट उपस्थित रहे।





