नशा मुक्त युवा ही विकसित भारत की सबसे बड़ी शक्ति हैं” — माहे आलम

“नशा मुक्त युवा ही विकसित भारत की सबसे बड़ी शक्ति हैं” — माहे आलम
मातृभूमि की पुकार (संवाददाता)
शाहजहाँपुर, 5 अगस्त। युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, भारत सरकार के अंतर्गत माई भारत, शाहजहाँपुर द्वारा स्वामी शुकदेवानन्द विश्वविद्यालय, शाहजहाँपुर के सहयोग से “नशा मुक्त युवा – विकसित भारत” विषय पर एक भव्य युवा जागरूकता एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना, उन्हें स्वस्थ एवं सकारात्मक जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना तथा वर्ष 2047 तक विकसित भारत के निर्माण में उनकी सक्रिय, रचनात्मक एवं उत्तरदायी भागीदारी सुनिश्चित करना था। कार्यक्रम में जिले के विभिन्न विद्यालयों, महाविद्यालयों, स्वयंसेवी संगठनों एवं युवा समूहों के विद्यार्थियों एवं स्वयंसेवकों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।कार्यक्रम का शुभारम्भ स्वामी विवेकानन्द के चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया। इसके उपरान्त उपस्थित अतिथियों, शिक्षकों, विद्यार्थियों, स्वयंसेवकों तथा विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने नशा मुक्त भारत की सामूहिक शपथ ग्रहण की तथा अपने-अपने क्षेत्र में नशा उन्मूलन के लिए जनजागरूकता फैलाने का संकल्प लिया।इस अवसर पर माई भारत शाहजहाँपुर के उपनिदेशक माहे आलम ने अपने प्रेरणादायी उद्बोधन में कहा कि “नशा मुक्त युवा ही विकसित भारत की सबसे बड़ी शक्ति हैं। यदि देश का युवा नशे जैसी सामाजिक बुराई से दूर रहकर शिक्षा, कौशल विकास, नवाचार, खेल, सामाजिक सेवा और राष्ट्र निर्माण में अपनी ऊर्जा लगाएगा तो वर्ष 2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य निश्चित रूप से प्राप्त किया जा सकेगा। नशा केवल व्यक्ति को ही नहीं, बल्कि उसके परिवार, समाज और राष्ट्र की प्रगति को भी प्रभावित करता है। इसलिए प्रत्येक युवा का यह दायित्व है कि वह स्वयं नशा मुक्त रहे तथा अपने परिवार, मित्रों और समाज को भी नशा मुक्त जीवन अपनाने के लिए प्रेरित करे।”उन्होंने कहा कि माई भारत केवल कार्यक्रम आयोजित करने वाला मंच नहीं, बल्कि युवाओं में नेतृत्व क्षमता, सामाजिक उत्तरदायित्व, राष्ट्रभक्ति, सेवा भावना और जनभागीदारी विकसित करने का राष्ट्रीय अभियान है। उन्होंने सभी उपस्थित युवाओं से माई भारत पोर्टल पर पंजीकरण कर राष्ट्र निर्माण के विभिन्न अभियानों से जुड़ने का भी आग्रह किया।कार्यक्रम के मुख्य अतिथि स्वामी शुकदेवानन्द विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. पी. बी. सिंह ने कहा कि “शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य केवल डिग्री प्रदान करना नहीं, बल्कि चरित्रवान, अनुशासित, जिम्मेदार और राष्ट्रहित के प्रति समर्पित नागरिक तैयार करना है। नशा किसी भी समाज और राष्ट्र की युवा शक्ति को कमजोर करता है। यदि हमारा युवा वर्ग स्वस्थ, जागरूक और संस्कारित रहेगा तो भारत निश्चित रूप से समृद्ध और विकसित राष्ट्र बनेगा। स्वामी शुकदेवानन्द विश्वविद्यालय सामाजिक उत्तरदायित्व से जुड़े ऐसे अभियानों में माई भारत के साथ निरंतर सक्रिय सहयोग करता रहेगा।”इस अवसर पर वाणिज्य विभागाध्यक्ष डॉ. अनुराग अग्रवाल ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा, “नशा व्यक्ति की प्रतिभा, परिवार की खुशहाली तथा समाज की प्रगति का सबसे बड़ा शत्रु है। यदि किसी चीज़ का नशा करना है तो अपनी पढ़ाई का करो, अपने लक्ष्य का करो, अपने सपनों का करो, अपने देश के विकास का करो। यही नशा व्यक्ति को सफलता दिलाता है और राष्ट्र को प्रगति के पथ पर आगे बढ़ाता है।” उनके इस संदेश का उपस्थित विद्यार्थियों ने तालियों की गड़गड़ाहट से स्वागत किया।कार्यक्रम के अंतर्गत युवाओं की रचनात्मक एवं सांस्कृतिक प्रतिभाओं को मंच प्रदान करने के उद्देश्य से आठ प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। इनमें समूह लोकगीत, समूह नृत्य, नुक्कड़ नाटक, चित्रकला प्रतियोगिता, भाषण (एलोक्यूशन) प्रतियोगिता, शॉर्ट फिल्म/रील मेकिंग प्रतियोगिता, स्लोगन लेखन प्रतियोगिता तथा स्लैम पोएट्री प्रतियोगिता शामिल थीं। सभी प्रतियोगिताओं का विषय “नशा मुक्त युवा – विकसित भारत” रखा गया, ताकि युवा अपनी कला, अभिव्यक्ति और रचनात्मकता के माध्यम से समाज को सकारात्मक संदेश दे सकें।प्रतियोगिताओं में जिले के विभिन्न विद्यालयों, महाविद्यालयों एवं संस्थानों के प्रतिभागियों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। समूह लोकगीत प्रतियोगिता में आर्य महिला इंटर कॉलेज की टीम, समूह नृत्य प्रतियोगिता में गुरुकुल सेवा ट्रस्ट की टीम (टीम लीडर – मानसी वर्मा), नुक्कड़ नाटक प्रतियोगिता में अलवीरा यासीन खान की टीम, चित्रकला प्रतियोगिता में अनाया मिश्रा, भाषण (एलोक्यूशन) प्रतियोगिता में हर्ष पाण्डेय, शॉर्ट फिल्म/रील मेकिंग प्रतियोगिता में इफ़्फत खानम, स्लोगन लेखन प्रतियोगिता में श्रेया तथा स्लैम पोएट्री प्रतियोगिता में अंशिका यादव ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। सभी विजेताओं को प्रशस्ति-पत्र एवं स्मृति-चिह्न प्रदान कर सम्मानित किया गया। आयोजकों ने बताया कि इन प्रतियोगिताओं के विजेता आगामी राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में शाहजहाँपुर जनपद का प्रतिनिधित्व करेंगे।कार्यक्रम का संचालन विनय सक्सेना द्वारा प्रभावशाली एवं गरिमामय ढंग से किया गया। आयोजन की समस्त व्यवस्थाओं, प्रतिभागियों के पंजीकरण, मंच संचालन, प्रतियोगिताओं के समन्वय, तकनीकी सहयोग एवं अनुशासन व्यवस्था में माई भारत शाहजहाँपुर के स्वयंसेवकों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।कार्यक्रम को सफल बनाने में एपीए शाहजहाँपुर सोनम सचान का विशेष सहयोग रहा। साथ ही जिला गंगा समिति ने भी आयोजन में सक्रिय सहयोग प्रदान किया, जिसके कारण कार्यक्रम का संचालन सुव्यवस्थित एवं सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ।इस अवसर पर करण शर्मा ,ज़ाहिद आलम, हर्ष पाण्डेय, सृष्टि मिश्रा, जया मिश्रा, हिमांशु, दिवेश सहित माई भारत के अनेक स्वयंसेवक, विश्वविद्यालय के शिक्षकगण, विभिन्न शिक्षण संस्थानों के छात्र-छात्राएँ एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।कार्यक्रम के समापन अवसर पर सभी प्रतिभागियों ने पुनः नशा मुक्त भारत के निर्माण हेतु अपने संकल्प को दोहराया तथा अपने-अपने क्षेत्रों में जन-जागरूकता अभियान चलाने का संकल्प लिया। अंत में सभी अतिथियों, निर्णायकों, प्रतिभागियों, सहयोगी संस्थाओं एवं स्वयंसेवकों के प्रति आभार व्यक्त किया गया।

कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के सामूहिक गायन के साथ हुआ। राष्ट्रगान के उपरान्त उपस्थित सभी प्रतिभागियों ने नशा मुक्त, स्वस्थ, जागरूक एवं विकसित भारत के निर्माण के लिए निरंतर कार्य करने का संकल्प लिया। यह आयोजन युवाओं में सामाजिक उत्तरदायित्व, राष्ट्रीय चेतना, रचनात्मक अभिव्यक्ति तथा नशा मुक्ति के संदेश को जन-जन तक पहुँचाने की दिशा में एक अत्यंत सफल एवं प्रेरणादायी पहल सिद्ध हुआ। माई भारत शाहजहाँपुर द्वारा आयोजित यह कार्यक्रम इस बात का सशक्त उदाहरण बना कि जब युवा शक्ति सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ती है, तब विकसित भारत का संकल्प और अधिक सशक्त एवं साकार होता है।






