शाहजहांपुर

मंत्री-विधायकों के ‘मखमली’ गढ़ में सड़क पर तैरती जनता, विकास के दावों पर उठे सवाल

मंत्री-विधायकों के ‘मखमली’ गढ़ में सड़क पर तैरती जनता, विकास के दावों पर उठे सवाल


मातृभूमि की पुकार (संवाददाता)

शाहजहांपुर। विकास के बड़े-बड़े दावों और उद्घाटनों के बीच शाहजहांपुर की एक हकीकत ऐसी भी है, जो हर दिन प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के दावों को आईना दिखा रही है। रेलवे स्टेशन और बस अड्डे को जोड़ने वाला शहर का प्रमुख मार्ग लंबे समय से गहरे गड्ढों और जलभराव की चपेट में है।बरसात होते ही यह सड़क किसी मार्ग से अधिक तालाब का रूप ले लेती है। गंदे पानी से भरे गड्ढों में हर दिन दोपहिया और चारपहिया वाहन चालक जान जोखिम में डालकर गुजरने को मजबूर हैं। कई बार एक वाहन को निकलने के लिए दूसरे वाहन को काफी देर तक इंतजार करना पड़ता है।विडंबना यह है कि जिस जनपद का प्रतिनिधित्व छह विधायक और तीन मंत्री करते हों, वहां की सबसे महत्वपूर्ण सड़क की यह दुर्दशा लोगों के मन में कई सवाल खड़े करती है। यही मार्ग बाहर से आने वाले यात्रियों की शहर के प्रति पहली छवि बनाता है, लेकिन स्वागत विकास नहीं, बल्कि गड्ढे और जलभराव करते हैं।स्थानीय लोगों का कहना है कि पूर्व नगर आयुक्त के समय रोड़ी डलवाकर और पानी निकासी के लिए पंप लगवाकर कुछ राहत दिलाने का प्रयास किया गया था। वर्तमान नगर आयुक्त ने भी निरीक्षण किया, अधिकारियों के साथ मौके का जायजा लिया, लेकिन धरातल पर हालात में कोई उल्लेखनीय बदलाव दिखाई नहीं देता।जनता पूछ रही है—क्या इस सड़क की मरम्मत के लिए किसी बड़े हादसे का इंतजार किया जा रहा है? क्या जिम्मेदार विभाग केवल निरीक्षण और आश्वासन तक ही सीमित रहेंगे, या फिर लोगों को इस समस्या से स्थायी राहत भी मिलेगी?अब समय आ गया है कि जिम्मेदार विभाग और जनप्रतिनिधि केवल घोषणाओं तक सीमित न रहें, बल्कि इस सड़क की तत्काल मरम्मत कराकर जनता को राहत दिलाएं। क्योंकि विकास का असली पैमाना भाषण नहीं, बल्कि आम नागरिक को मिलने वाली मूलभूत सुविधाएं होती हैं।

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