राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह के तहत शाहजहांपुर में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित, जिलाधिकारी ने दिलाई यातायात नियमों के पालन की शपथ।

राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह के तहत शाहजहांपुर में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित, जिलाधिकारी ने दिलाई यातायात नियमों के पालन की शपथ।

सड़क सुरक्षा माह के अंतर्गत विद्यालयों द्वारा वीडियो, रील, ड्रामा, थिएटर, स्लोगन एवं संदेश जैसे माध्यमों से उत्कृष्ट कार्य करने वाले विद्यार्थियों को 31 जनवरी के बाद नगद पुरस्कार देकर किया जाएगा सम्मानित।
मातृभूमि की पुकार (ब्यूरो)
शाहजहांपुर, 2 जनवरी।जिलाधिकारी धर्मेंद्र प्रताप सिंह की अध्यक्षता में 1 जनवरी से 31 जनवरी, 2026 तक आयोजित राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह के अंतर्गत अटल बिहारी वाजपेयी प्रेक्षागृह में एक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ जिलाधिकारी द्वारा मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलन कर किया गया।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि देश में प्रतिदिन सड़क दुर्घटनाओं में लगभग 480 लोगों की मृत्यु होती है, जबकि मर्डर की घटनाओं में यह संख्या लगभग 80 है। उन्होंने बताया कि सड़क दुर्घटनाओं में सर्वाधिक मृत्यु दो पहिया वाहन चालकों की होती है, जिनमें अधिकांश बिना हेलमेट वाहन चलाते हैं। उन्होंने बच्चों से कहा कि वे स्वयं जागरूक बनें और अपने परिवार व आसपास के लोगों को यातायात नियमों के पालन के लिए प्रेरित करें। उन्होंने कहा कि दो पहिया वाहन चलाते समय हेलमेट तथा चार पहिया वाहन में सीट बेल्ट का अनिवार्य रूप से प्रयोग किया जाए, वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का उपयोग न किया जाए, ओवरस्पीडिंग, ओवरलोडिंग तथा शराब पीकर वाहन चलाने से बचें और 18 वर्ष से कम आयु के बच्चे वाहन न चलाएं। जिलाधिकारी ने कहा कि बिना हेलमेट और सीट बेल्ट के होने वाली सड़क दुर्घटनाओं में मृत्यु होने पर पूरा परिवार गहरे दुःख में डूब जाता है।उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह के अंतर्गत विद्यालयों द्वारा वीडियो, रील, ड्रामा, थिएटर, स्लोगन एवं संदेश जैसे माध्यमों से उत्कृष्ट कार्य करने वाले विद्यार्थियों को 31 जनवरी के बाद नगद पुरस्कार देकर सम्मानित किया जाएगा। विद्यार्थियों द्वारा तैयार की गई गतिविधियों को मोबाइल नंबर 6387343153 पर उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए।मुख्य विकास अधिकारी डॉ. अपराजिता सिंह ने कहा कि यातायात नियमों के पालन से ही सड़क दुर्घटनाओं को रोका जा सकता है। उन्होंने लोगों से अपील की कि कहीं भी जाना हो तो समय लेकर निकलें, तेज गति से वाहन न चलाएं तथा स्टंट करने से बचें। उन्होंने कहा कि निर्धारित गति सीमा में वाहन चलाकर ही स्वयं और दूसरों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकती है। इस दौरान उन्होंने इमरजेंसी केयर के मोबाइल नंबर की जानकारी दी साथ ही अपील की कि दुर्घटना में घायलों को गोल्डन आवर में नजदीकी चिकित्सालय में पहुंचाएं जिससे घायल व्यक्ति की जान बचाई जासके।एसपी सिटी देवेंद्र कुमार ने कहा कि ट्रैफिक व्यवस्था में इंजीनियरिंग, इनफोर्समेंट और इमरजेंसी सेवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। सड़क दुर्घटनाओं का दुष्प्रभाव पूरे परिवार को झेलना पड़ता है। उन्होंने बच्चों से अपील की कि वे अपने घरों और आसपास के लोगों को यातायात नियमों के पालन के लिए जागरूक करें तथा दो पहिया वाहन पर हेलमेट पहनना सुनिश्चित कराएं।आईएमए के सचिव डॉ. संजय कुमार ने कहा कि यात्रा के दौरान नियमों का पालन करने से दुर्घटनाओं से बचा जा सकता है। उन्होंने दुर्घटना की स्थिति में घायलों की शीघ्र सहायता करने पर जोर देते हुए कहा कि ब्लीडिंग होने पर तुरंत उस स्थान को बांधकर घायल को नजदीकी अस्पताल तक पहुंचाया जाए, जिससे उसकी जान बचाई जा सके। इसके साथ ही उन्होंने प्राथमिक उपचार सीपीआर आदि के संबंध में भी जानकारी दी।पीएसआई विनय कुमार पाण्डेय ने बताया कि लोगों में बढ़ती जागरूकता के कारण वर्ष 2024 की तुलना में 2025 में सड़क दुर्घटनाओं में कमी आई है। उन्होंने कहा कि वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का प्रयोग न करें, तेज गति से वाहन न चलाएं और सड़क सुरक्षा नियमों को अपनाएं। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि राहवीर योजना के अंतर्गत सड़क दुर्घटना में घायल को अस्पताल पहुंचाने पर सरकार द्वारा 25 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान किया जाता है।सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन) सर्वेश कुमार सिंह ने राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह की रूपरेखा पर प्रकाश डालते हुए बताया कि लगभग 80 प्रतिशत सड़क दुर्घटनाएं मानवीय भूल के कारण होती हैं, जबकि 20 प्रतिशत अन्य कारणों से होती हैं। उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा में इंजीनियरिंग, एजुकेशन, इनफोर्समेंट और इमरजेंसी सेवाओं की अहम भूमिका है तथा सड़क दुर्घटनाएं परिवारों की मानसिक स्थिति को गंभीर रूप से प्रभावित करती हैं।कार्यक्रम के दौरान सुदामा प्रसाद विद्यालय की कक्षा 11 की छात्रा प्रेरणा वर्मा ने राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह के विषय पर अपने विचार प्रस्तुत किए। कार्यक्रम के अंत में जिलाधिकारी ने उपस्थित सभी लोगों को यातायात नियमों के पालन की शपथ दिलाई तथा प्रचार वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। कार्यक्रम का संचालन इंदु अजनबी द्वारा किया गया।इस अवसर पर नगर मजिस्ट्रेट प्रवेंद्र कुमार, यातायात प्रभारी संजय कुमार सिंह, जिला विद्यालय निरीक्षक हरिवंश कुमार सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।






