शाहजहांपुर

बीएसए मैडम के साथ बच्चों की मुस्कान से महका विद्यालय, जन्मदिन के अवसर पर मनाया तिथि भोज।

बीएसए मैडम के साथ बच्चों की मुस्कान से महका विद्यालय, जन्मदिन के अवसर पर मनाया तिथि भोज।


मातृभूमि की पुकार (संवाददाता)

   शाहजहांपुर।शासन की मंशानुरूप परिषदीय विद्यालयों में समुदायिक सहभागिता को प्रभावी बनाने के उद्देश्य से भावलखेड़ा विकास खंड के प्राथमिक विद्यालय नईबस्ती में शनिवार को वह दृश्य देखने को मिला, जिसने यह साबित किया कि छोटी-सी पहल भी बच्चों के जीवन में बड़ी खुशी भर सकती है। तिथि भोजन के अवसर पर, विद्यालय में कुल 110 छात्र/छात्राऐं उपस्थिति थें शासन की मंशा के अनुरूप परिषदीय विद्यालयों में सामुद विद्यालय में पाँच बच्चों का जन्मदिन मनाया गया। कार्यक्रम की शुरुआत माँ सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन से हुई। इसके बाद कक्षा 1 के कृष्णा, कक्षा 2 की जोहा, कक्षा 3 के आयुष, कक्षा 4 की शिवांगी और कक्षा 5 की बेबी ने केक काटा। “हैप्पी बर्थडे टू यू” की धुनों के बीच जब बच्चों ने मोमबत्तियाँ बुझाईं तो वातावरण खुशी, अपनत्व और उत्साह से भर गया। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी दिव्या गुप्ता स्वयं उनके साथ बैठकर भोजन करने पहुँचीं। उन्होंने बच्चों को गिफ्ट और चॉकलेट देकर आशीष स्वरूप स्नेह प्रदान किया, मानो एक अभिभावक ही बच्चों के सामने बैठा हो। बच्चों के साथ बैठकर भोजन करते हुए दिव्या गुप्ता ने कहा, “कोई भी शिक्षक या ग्रामवासी अपने किसी भी विशेष अवसर पर विद्यालय के बच्चों के साथ तिथि भोज कर सकता है। यह केवल आयोजन नहीं, बल्कि समाज को विद्यालय से जोड़ने और नन्हें बच्चों के जीवन में सुखद अनुभव भरने का श्रेष्ठ कार्य है।” तिथि भोजन का मुख्य उद्देश्य सामुदायिक सहभागिता को बढावा देना है जिसके अन्तर्गत कोई भी जनसामान्य अपना जन्मदिन अपने पाल्य का जन्मदिन वौवाहिक वर्षगाँठ, जैसा आयोजन विद्यालय में छात्र छात्राओं के साथ मना सकता है। इस कार्यक्रम में विद्यालय परिसर के बाहर बच्चो को भोजन ग्रहण कराने की अनुमति नही है। यदि समुदाय का कोई सदस्य विद्यालय परिसर में डायनिंग शेड का निर्माण कराने के साथ साथ छात्र/छात्राओं को खाने हेतु सर्विग प्लेट, डिनर शेट, केसरोल , बर्तन पीने के पानी हेतु प्यूरीफायर आदि का योगदान भी कर सकता है। इसके अतिरिक्त यदि कोई सदस्य नगद धनराशि देना चाहे ंतो उसे मध्यान्ह भोजन निधि खाते मे जमा करा सकता हैें बाल-सुलभ उल्लास के बीच विद्यालय में विशेष भोजन तैयार किया गया, जिसमें बच्चों के साथ सभी अतिथियों ने बैठकर सहभागिता की। यह दृश्य उस सामूहिकता का प्रतीक बना, जिसकी आज शिक्षा व्यवस्था को सबसे अधिक आवश्यकता है। इस आयोजन के केंद्र में रहे प्रधान अध्यापक राजकुमार तिवारी, जिन्होंने अपने प्रयासों से विद्यालय को समुदाय का “घर” बनाने की दिशा में एक सार्थक पहल की। कार्यक्रम में एमडीएम जिला समन्वयक निश्चय सिंह, शिक्षकगण शिवकुमार, प्रेक्षा अवस्थी, कल्पना सिंह, गौरी मिश्रा, मोहनी, किरन, रामचंद्र तथा विद्यालय प्रबंधन समिति के अध्यक्ष सुधीर कुमार सहित अनेक ग्रामवासी उपस्थित रहे।  इस स्नेहिल आयोजन ने दिखाया कि विद्यालय केवल पढ़ाई का स्थान भर नहीं, बल्कि भावनाओं, संस्कारों और सामाजिक एकता के संवर्धन का केंद्र है।छोटी-सी कोशिश ने नन्हे-मुन्नों की दुनिया में स्नेह, उत्साह और स्मृतियों का उजास भर दियाकृजो शायद जीवन भर उनके साथ रहे।

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