जिला कारागार शाहजहांपुर में ‘विश्व स्वास्थ दिवस’ का आयोजन, महिला कैदियों के बीच स्वास्थ्य सेवाओं का वितरण।

जिला कारागार शाहजहांपुर में ‘विश्व स्वास्थ दिवस’ का आयोजन, महिला कैदियों के बीच स्वास्थ्य सेवाओं का वितरण।

मातृभूमि की पुकार ( संवाददाता)
शाहजहांपुर। जिला कारागार शाहजहांपुर में ‘विश्व स्वास्थ दिवस’ बड़े ही उत्साह और सामाजिक सरोकारों के साथ मनाया गया। इस अवसर पर भोर फाउंडेशन की अध्यक्ष स्वाति सिंह के नेतृत्व में एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसका उद्देश्य महिला कैदियों के बीच जागरूकता फैलाना, आत्मविश्वास बढ़ाना तथा उनके स्वास्थ्य और मानसिक सशक्तिकरण पर ध्यान केंद्रित करना था।जेल अधीक्षक जे. पी. तिवारी की अध्यक्षता मेकार्यक्रम की शुरुआत सकारात्मक संवाद और प्रेरणादायक संदेशों के साथ हुई, जिसमें स्वाति सिंह ने महिला कैदियों को जीवन में विश्वास, आत्मबल और नई शुरुआत की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि जीवन में परिस्थितियाँ चाहे कितनी भी कठिन क्यों न हों, विश्वास और दृढ़ संकल्प के साथ हर व्यक्ति एक नई दिशा पा सकता है।इस दौरान महिला कैदियों के बीच अनुकृति नाट्य मंच द्वारा एक प्रभावशाली नुक्कड़ नाटक का मंचन किया गया। इस नाटक के माध्यम से सामाजिक कुरीतियों, स्वास्थ्य जागरूकता और आत्मनिर्भरता जैसे महत्वपूर्ण विषयों को सरल और भावनात्मक तरीके से प्रस्तुत किया गया। नाटक ने उपस्थित सभी लोगों को गहराई से प्रभावित किया और उन्हें जीवन के प्रति सकारात्मक सोच अपनाने का संदेश दिया।डॉ अंजलि द्वारा महिला कैदियों को स्वास्थ के प्रति जागरूक किया गया! भोर फाउंडेशन के सरंशक् डॉ सुरेश चंद्र मिश्रा ने उपस्थित महिलाओ के बीच जागरुकता और मनोबल बड़ाई! कार्यक्रम का एक महत्वपूर्ण हिस्सा स्वास्थ्य सेवाओं का वितरण रहा, जिसमें महिला कैदियों को आवश्यक स्वास्थ्य सामग्री प्रदान की गई। इस पहल का उद्देश्य उनकी व्यक्तिगत स्वच्छता और स्वास्थ्य को बेहतर बनाना था। कैदियों ने इस पहल की सराहना की और आयोजकों के प्रति आभार व्यक्त किया।कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों ने ‘विश्व स्वास्थ दिवस’ के महत्व को समझते हुए जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का संकल्प लिया। इस आयोजन ने न केवल महिला कैदियों के बीच जागरूकता बढ़ाई, बल्कि उनके मनोबल को भी मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई।इस प्रकार जिला कारागार शाहजहांपुर में मनाया गया ‘विश्व स्वास्थ दिवस’ एक सार्थक और प्रेरणादायक पहल साबित हुआ, जिसने समाज के एक उपेक्षित वर्ग तक आशा और विश्वास का संदेश पहुंचाया।




