जिलाधिकारी की अध्यक्षता में जिला स्तरीय जनगणना समन्वय समिति की बैठक संपन्न
जिलाधिकारी की अध्यक्षता में जिला स्तरीय जनगणना समन्वय समिति की बैठक संपन्न
ब्यूरो रिपोर्ट धीरज गुप्ता
शाहजहांपुर 13 मार्च। जिलाधिकारी धर्मेन्द्र प्रताप सिंह की अध्यक्षता में जिला स्तरीय जनगणना समन्वय समिति की बैठक कैम्प कार्यालय सभागार में आयोजित की गई। बैठक में अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व अरविन्द कुमार द्वारा जनगणना के संबंध में विस्तार से बताया गया।
जिलाधिकारी ने बताया कि भारत की जनगणना-2027 सम्बन्धी प्रथम चरण अर्थात मकानसूचीकरण एवं मकानों की गणना पूरी तरह डिजिटल रूप में सम्पन्न करने का कार्य उत्तर प्रदेश राज्य में 22 मई, 2026 से 20 जून, 2026 तक की अवधि के दौरान किये जाने का निर्णय लिया गया है एवं इस बार जनगणना में कार्य आरम्भ होने से ठीक 15 दिन पहले स्वःगणना के लिए बिल्कप भी प्राविधानित है। उन्होंने जनगणना-2027 से सम्बन्धित कार्य यथा पोर्टल के माध्यम से मकानसूचीकरण, ब्लॉक का गठन, स्लम ब्लॉक का गठन, पदाधिकारियो (प्रगणक एवं सुपरवाईजर) की नियुक्ति एवं प्रशिक्षण कार्य को ससमय गुणवत्तापरक रूप से सम्पन्न कराने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि जनगणना के लिए ब्लॉक काटने का कार्य प्रारंभ कर दिया जाए। उन्होंने कहा कि यह बहुत महत्वपूर्ण कार्य है इसमें सावधानी बरती जाए। जनगणना हेतु चार्ज ऑफिसर, फील्ड ट्रेनर्स प्रथम एवं द्वितीय, सुपरवाइजर प्रगणक (इन्यूमेरेटर) को प्रशिक्षण दिया जाए। प्रशिक्षण में जनगणना कार्य से संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को जनगणना की प्रक्रिया, परिभाषाएं, हाउस लिस्टिंग, लेआउट मैप तथा आंकड़ा संकलन की विधियों के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी प्रदान की जाए।
जनगणना देश का अत्यंत महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्यक्रम है, जिसके माध्यम से जनसंख्या से संबंधित सटीक आंकड़े प्राप्त होते हैं। इन आंकड़ों के आधार पर शासन द्वारा विभिन्न योजनाओं का निर्माण एवं क्रियान्वयन किया जाता है, इसलिए जनगणना कार्य को पूरी गंभीरता, पारदर्शिता एवं सावधानी के साथ संपन्न कराना आवश्यक है।
जनगणना 2027 के अंतर्गत हाउस लिस्टिंग एवं हाउस नंबरिंग की प्रक्रिया, परिवार विवरण अंकन, भवनों के चिन्हांकन तथा लेआउट मैप तैयार करने की विधि का विस्तृत प्रशिक्षण दिया जाए। साथ ही प्रशिक्षणार्थियों को प्रपत्रों को सही तरीके से भरने, सूचनाओं का सत्यापन करने आदि के संबंध में भी जानकारी दी जाए। प्रगणक को एमएलबी एप इंस्टॉल कर कार्य करना है। नजरी नक्शे से भवनों एवं जनगणना मकानों की अपेक्षित संख्या भरनी है। घर-घर जाकर मोबाइल एप में सूचना दर्ज करनी है। डेटा को नियमित रूप से सिंक करना है। यदि किसी परिवार ने स्वगणना की है तो एसई आईडी प्राप्त कर डेटो सत्यापित करते हुए स्वीकार करना है या आवश्यकतानुसार एडिट करना है।
पर्यवेक्षक(सुपरवाइज़र) को क्षेत्र में सभी एचएलबी सीमाओं का सत्यापन करना है तथा यह सुनिश्चित करना है कि कोई एचएलबी छूट न जाए अथवा उसका दोहराव न हो। पर्यवेक्षक प्रत्येक प्रगणक की प्रगति की निगरानी भी करेंगे। जनगणना से संबंधित कार्य समयबद्ध एवं त्रुटिरहित ढंग से पूर्ण किया जाए।
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी डॉ अपराजिता सिंह, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व अरविंद कुमार सहित संबंधित विभागों के अधिकारी, कर्मचारी एवं प्रशिक्षणार्थी उपस्थित रहे।
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