प्रभारी मंत्री ने स्वयं सहायता समूह सम्मेलन में 128 समूहों को 1.28 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता वितरित।

प्रभारी मंत्री ने स्वयं सहायता समूह सम्मेलन में 128 समूहों को 1.28 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता वितरित।

लखपति दीदी, बीसी सखी और बैंक सखी जैसी पहल से ग्रामीण महिलाओं को मिल रहा आत्मनिर्भरता का नया आधार।
मातृभूमि की पुकार ( संवाददाता)
शाहजहांपुर, दिनांक 25 फरवरी 2026। अटल ऑडिटोरियम, शाहजहांपुर में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत स्वयं सहायता समूह सम्मेलन का आयोजन प्रभारी मंत्री नरेन्द्र कश्यप जी की अध्यक्षता में संपन्न हुआ। प्रभारी मंत्री ने माँ सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलित कर तथा पुष्प अर्पित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस अवसर पर प्रभारी मंत्री ने स्वयं सहायता समूहों द्वारा तैयार किए जा रहे उत्पादों के स्टॉल का अवलोकन किया तथा समूह की महिलाओं से उत्पादों की गुणवत्ता, बिक्री और उससे होने वाली आय एवं लाभ के संबंध में विस्तृत जानकारी प्राप्त की। महिलाओं ने अपने उत्पादों और उससे प्राप्त होने वाले आर्थिक लाभ के बारे में विस्तार से जानकारी दी, जिस पर मंत्री जी ने उनकी सराहना की।अपने संबोधन में प्रभारी मंत्री ने कहा कि सरकार द्वारा संचालित योजनाओं के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं को सशक्त बनाया जा रहा है। विशेष रूप से बीसी सखी के माध्यम से प्रत्येक गांव में बैंकिंग सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं, जिससे महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने में मदद मिल रही है। इस दौरान राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत 99 स्वयं सहायता समूहों को 29.70 लाख रुपये का रिवॉल्विंग फंड तथा 66 स्वयं सहायता समूहों को 99 लाख रुपये की सामुदायिक निवेश निधि (सीआईएफ) का चेक वितरित किया गया। इसके साथ ही 10 लखपति दीदियों को प्रमाण पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा निराश्रित महिलाओं, दिव्यांगजनों एवं विधवाओं को प्रतिमाह 1000 रुपये की पेंशन प्रदान की जा रही है, जिसे बढ़ाकर 1500 रुपये प्रतिमाह अर्थात 18,000 रुपये वार्षिक किए जाने की प्रक्रिया जारी है। उन्होंने कहा कि महिलाओं को स्वावलंबी एवं स्वाभिमानी बनाने के लिए सरकार निरंतर कार्य कर रही है।मुख्य विकास अधिकारी डॉ० अपराजिता सिंह सिनसिनवार ने जानकारी देते हुए बताया कि राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत जनपद में अब तक 15,982 स्वयं सहायता समूहों का गठन किया जा चुका है, जिन्हें समय-समय पर रिवॉल्विंग फंड एवं ऋण सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। बीसी सखी द्वारा गांव में रहकर मोबाइल एप के माध्यम से वित्तीय लेनदेन की सुविधा प्रदान की जा रही है। इसके अतिरिक्त विद्युत सखी, ड्रोन सखी एवं बैंक सखी के रूप में भी महिलाओं को प्रशिक्षण देकर उन्हें विभिन्न क्षेत्रों में सक्षम बनाया जा रहा है।कार्यक्रम में जनपद के सभी विकास खंडों से लगभग 550 महिला सदस्यों, जिनमें लखपति दीदी, समूह सखी, बीसी सखी, बैंक सखी, एफएलसीआरपी, सीआरपी एवं सीनियर सीआरपी कैडर शामिल रहे, ने प्रतिभाग किया। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी डॉ० अपराजिता सिंह सिनसिनवार, परियोजना निदेशक डीआरडीए अवधेश राम, जिला विकास अधिकारी ऋषिपाल सिंह तथा उपायुक्त स्वरोजगार यशोवर्द्धन सिंह सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।





