ढाईघाट मेलें में जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक ने किया स्थलीय निरीक्षणव्यवस्थाओं का लिया जायजा , श्रृद्धालुओं से किया सीधा संवाद कर लिया फीडबैक

ढाईघाट मेलें में जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक ने किया स्थलीय निरीक्षणव्यवस्थाओं का लिया जायजा , श्रृद्धालुओं से किया सीधा संवाद कर लिया फीडबैक

ब्यूरो रिपोर्ट धीरज गुप्ता
शाहजहाँपुर। जनपद में जिला पंचायत द्वारा आयोजित ढाईघाट मेले को लेकर बुधवार को जिलाधिकारी धर्मेंद्र प्रताप सिंह एवं पुलिस अधीक्षक राजेश द्विवेदी ने संयुक्त रूप से मेले का स्थलीय निरीक्षण कर सुरक्षा एवं व्यवस्थाओं का जायज़ा लिया। इस दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए भीड़ नियंत्रण, यातायात व्यवस्था, पार्किंग, डायवर्जन प्लान, पुलिस पिकेट, पीआरवी तैनाती, महिला पुलिस ड्यूटी तथा घाट क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्थाओं की गहन समीक्षा की गई।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक ने मौके पर मौजूद पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों और कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। निर्देशित किया गया कि मेले में किसी भी प्रकार की अव्यवस्था न होने पाए तथा श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और सुचारू वातावरण उपलब्ध कराया जाए। अधिकारियों ने मेले में आए श्रद्धालुओं से संवाद कर व्यवस्थाओं को लेकर फीडबैक भी लिया।
इस अवसर पर प्रशासन की ओर से श्रद्धालुओं को चाय और बिस्कुट वितरित कर जलपान कराया गया, जिससे मेले में सौहार्दपूर्ण और सकारात्मक माहौल देखने को मिला। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि मेले के दौरान पुलिस बल सतत सक्रिय रहेगा और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए अलर्ट मोड में तैनात रहेगा।
जलालाबाद थाना क्षेत्र के कोला मोड़ पुलिस चौकी पर थाना पुलिस द्वारा मेला जाने वाले श्रद्धालुओं को जलपान कराया गया इस मौके पर पुलिस अधीक्षक राजेश द्विवेदी एवं पुलिस अधीक्षक ग्रामीण दीक्षा भांवरें ने अपने हाथों से श्रृद्धालुओं को जलपान कराया, पुलिस अधीक्षक ग्रामीण दीक्षा भांवरें ने बताया कि मेला ढाईघाट मार्ग से सम्बंधित सभी थाना क्षेत्रों में श्रृद्धालुओं को जलपान कराए जाने की व्यवस्था की गई है साथ श्रृद्धालुओं की सुविधा के लिए एम्बुलेंस की व्यवस्था भी की गई है
जनपद पुलिस ने मेले में आने वाले श्रद्धालुओं से अपील की है कि किसी भी प्रकार की समस्या, असुविधा अथवा संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल हेल्पलाइन नंबर 112 या नजदीकी पुलिस अधिकारी एवं पुलिस चौकी को दें, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके।






