उत्तर प्रदेशशाहजहांपुर

साइबर सुरक्षा पर पुलिस ने बैंक प्रबंधकों संग की महत्वपूर्ण गोष्ठी, म्यूल अकाउंट और वित्तीय धोखाधड़ी पर सख्ती का संदेश।

 साइबर सुरक्षा पर पुलिस ने बैंक प्रबंधकों संग की महत्वपूर्ण गोष्ठी, म्यूल अकाउंट और वित्तीय धोखाधड़ी पर सख्ती का संदेश।


मातृभूमि की पुकार ( ब्यूरो)

शाहजहाँपुर। पुलिस लाइन्स सभागार में सोमवार को पुलिस अधीक्षक शाहजहाँपुर की अध्यक्षता में जनपद के सभी प्रमुख बैंकों के शाखा प्रबंधकों के साथ साइबर सुरक्षा गोष्ठी आयोजित की गई। कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक नगर, क्षेत्राधिकारी साइबर क्राइम, साइबर थाना/साइबर सेल के अधिकारी, प्रतिसार निरीक्षक समेत विभिन्न शाखाओं के बैंक प्रबंधक उपस्थित रहे।

बैठक का मुख्य उद्देश्य तेजी से बढ़ रहे वित्तीय साइबर अपराधों पर लगाम लगाना, बैंक–पुलिस समन्वय को मजबूत करना और धोखाधड़ी रोकने के लिए संयुक्त रणनीति तैयार करना रहा।

म्यूल अकाउंट पर सख्त रुख—कर्मचारियों की भूमिका की जांच के निर्देश।पुलिस अधीक्षक ने कहा कि कई बैंक शाखाओं में बड़ी संख्या में म्यूल अकाउंट संचालित हैं, जिनका उपयोग साइबर अपराधी धन की हेरफेर में कर रहे हैं। उन्होंने ऐसे संदिग्ध खातों और उनसे जुड़े कर्मचारियों पर कड़ी निगरानी रखने व तत्काल कार्रवाई का निर्देश दिया।

KYC सत्यापन और RBI गाइडलाइन अनुपालन पर जोर

बैठक में पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट किया कि—

50 हजार रुपये से अधिक की चेक निकासी पर KYC (आधार–PAN) अनिवार्य रूप से सत्यापित की जाए।

पुराने व नए सभी बैंक खातों का पुनः सत्यापन जल्द से जल्द पूरा किया जाए।

ऑनलाइन खोले जा रहे खातों में टू-स्टेप KYC व बायोमेट्रिक सत्यापन अनिवार्य किया जाए।

ATM कैमरे, गार्ड की उपस्थिति और सुरक्षा उपकरणों का नियमित निरीक्षण सुनिश्चित किया जाए।

सायबर अपराधों की बढ़ती प्रवृत्ति पर विस्तृत चर्चा

गोष्ठी में OTP फ्रॉड, फर्जी KYC लिंक, फिशिंग, SIM स्वैप, सोशल इंजीनियरिंग, और फर्जी बैंक अधिकारी बनकर की जा रही ठगी के मामलों पर विस्तार से चर्चा हुई।I4C के आंकड़ों के अनुसार अप्रैल 2021 से दिसंबर 2023 के बीच 10,319 करोड़ रुपये की साइबर धोखाधड़ी हुई तथा वर्ष 2023 में 11 लाख से अधिक शिकायतें दर्ज की गईं।

बैंकों को सतर्कता बढ़ाने के निर्देश

सभी शाखाओं को संदिग्ध KYC, म्यूल खातों और डोरमंट खातों के गलत सक्रियण से बचने, तथा CCTV व अलार्म सिस्टम हमेशा सक्रिय रखने के निर्देश दिए गए। साथ ही RBI के Financial Fraud Risk Indicator (FRI) सिस्टम के पालन पर भी जोर दिया गया।

जनता को भी दिए महत्वपूर्ण साइबर सुरक्षा संदेश

पुलिस ने नागरिकों से अपील की—

OTP/पासवर्ड किसी से साझा न करें, बैंक कभी नहीं पूछता।

KYC अपडेट केवल बैंक शाखा में ही कराएं।

किसी संदिग्ध लिंक/कॉल पर तुरंत सतर्क हों।

साइबर फ्रॉड होते ही हेल्पलाइन 1930 या cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराएं।

कार्यक्रम में अनुभव साझा, सामूहिक संकल्प लिया गया गोष्ठी में बैंक प्रबंधकों ने अपने अनुभव साझा किए। पुलिस टीम ने त्वरित कार्यवाही प्रक्रिया और हेल्पलाइन 1930 की कार्यप्रणाली समझाई। अंत में “सुरक्षा एक साझा जिम्मेदारी है” का सामूहिक संकल्प लिया गया।

एसपी का समापन संदेश

समापन के दौरान पुलिस अधीक्षक ने कहा—

एक क्लिक आपका खाता खाली कर सकता है, लेकिन एक सतर्क कदम उसे सुरक्षित भी रख सकता है। शाहजहाँपुर पुलिस सदैव आपके साथ है।”शाहजहाँपुर पुलिस ने जनपद में वित्तीय सुरक्षा को शीर्ष प्राथमिकता बताते हुए भविष्य में भी ऐसे जागरूकता कार्यक्रम जारी रखने की बात कही।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button