गौमाता को राष्ट्रमाता घोषित कराने के लिए मुंबई से दिल्ली तक पदयात्रा।
राष्ट्रीय गौ रक्षक संघ मुंबई (ठाणे) से दिल्ली पहुंचकर प्रधानमंत्री से करेंगे मांग

गौमाता को राष्ट्रमाता घोषित कराने के लिए मुंबई से दिल्ली तक पदयात्रा।
राष्ट्रीय गौ रक्षक संघ मुंबई (ठाणे) से दिल्ली पहुंचकर प्रधानमंत्री से करेंगे मांग

राष्ट्रीय अध्यक्ष स्वामी पद्मनाभ महाराज करेंगे 1400 किलोमीटर की पदयात्रा की अगुवाई
मातृभूमि की पुकार ( संवाददाता)
नई दिल्ली/ ठाणे/मुम्बई।गोमाता को राष्ट्रमाता घोषित कराने हेतु राष्ट्रीय गौ रक्षक संघ बुधवार से मुंबई (ठाणे) से दिल्ली तक पदयात्रा निकालेगा।राष्ट्रीय गौरक्षक संघ के संकल्प के अनुसार “गौमाता को राष्ट्रमाता घोषित कराने हेतु”लगभग 1400 किलोमीटर की एक ऐतिहासिक पदयात्रा 26 नवम्बर 2025 से 12 जनवरी 2026 तक आयोजित की जा रही है। मीडिया संयोजक डॉ. प्रदीप वैरागी ने बताया कि यह यात्रा रूपादेवी वाघले एस्टेट, ठाणे (महाराष्ट्र) से प्रारंभ होकर प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO), नई दिल्ली तक पहुंचेगी।
यात्रा का विवरण:
• प्रस्थान स्थान: रूपादेवी वाघले एस्टेट, ठाणे (महाराष्ट्र)
• गंतव्य: प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO), नई दिल्ली
• मुख्य मार्ग: घोड़बंदर रोड → गुजरात → मध्य प्रदेश → राजस्थान → उत्तर प्रदेश (मथुरा से होकर) → हरियाणा → दिल्ली
• आरंभ तिथि: 26 नवम्बर 2025
• समापन तिथि: 12 जनवरी 2026
• दैनिक दूरी: लगभग 30 किमी प्रति दिन
• कुल अनुमानित दूरी: 1350–1400 किमी (सड़क मार्ग)
मुख्य कार्यकर्ता:
संतोष पांडे, लालचन्द गुप्ता, सुधांशू मिश्रा, अमान जायसवाल
यात्रा के उद्देश्य:
• गौमाता को राष्ट्रमाता घोषित करने हेतु निवेदन
• प्रत्येक जिले में गौसंवर्धन हेतु “गोविज्ञान केंद्र” की स्थापना का प्रस्ताव
• जनजागरण, हस्ताक्षर अभियान एवं समर्थन सभाएँ – यात्रा मार्ग में आने वाले गाँवों और शहरों में जनसंपर्क व गोभक्ति का प्रसार।
“गौमाता केवल आस्था नहीं, राष्ट्र की आत्मा हैं। उनका संरक्षण और संवर्धन भारत की सांस्कृतिक पहचान का मूल है।”





